महराजगंज/ठूठीबारी। शुक्रवार को पुलिस लाइंन फायर सर्विस में कर्तव्य की बलिवेदी पर शहीद हुए पुलिस कर्मियों को पुलिस स्मृति दिवस पर एसपी प्रमोद कुमार सहित तमाम पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मौजूद पुलिस कर्मियों को शहीद जवानों के बारे में बताया। कहा कि 21 अक्टूबर 1959 के दिन भारत के उत्तरी सीमा पर स्थित 15 हजार फीट ऊंचे लद्दाख क्षेत्र में देश की सीमा के सजग प्रहरी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अपने नियमित गश्त पर थे।
अचानक चीनी सैनिकों ने छल पूर्वक उन पर हमला बोल दिया। जवानों मातृ भूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। एक इंच भूमि चीनी सैनिकों के कब्जे मेें नहीं होने दिया। ऐसे बहादुर जवानों की याद में 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि 01 सितंबर 15 से 31 अगस्त 16 तक 116 पुलिस के अधिकारी कर्मचारी अपने वीरगति को प्राप्त हुए हैं। इस दौरान एएसपी हरगोविन्द, एलआईयू इंस्पेक्टर ओपी सिंह, सदर सीओ राजाराम यादव, सदर इंस्पेक्टर टीपी श्रीवास्तव, टीपी शाही, एफएसओ ओपी सिंह आदि मौजूद रहे।
दंतेवाड़ा में शहीद हुए वीर विजय चक्रवर्ती के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के लिए ठूठीबारी कस्बे के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान लोगों ने शहीद विजय के माता पिता को फूल मालाओं लाद दिया। ठूठीबारी कस्बे के राधाकुमारी इंटर कालेज में शहीद वीर विजय चक्रवर्ती के पिता महेश प्रसाद ने कहा कि विजय मेरा पुत्र देश की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 6 अप्रैल 2010 को आपरेशन ब्लू हंट के दौरान शहीद हुआ तो वह धन्य हो गए।
उन्होंने कहा कि मौत तो सबको आनी है लेकिन देश के लिए मर-मिटना गौरव की बात होती है। माता पिता के इस साहस का उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर एहतराम किया। संचालन महेश पांडेय ने किया। प्रधानाचार्य रामप्रिया शरण सिंह, रामनरायन सिंह लखनऊ से आए सीआरपीएफ के त्रिपुरारि पांडेय, एसएसबी के कमांडेंट गजेंद्र सिंह ने शहीद विजय के जीवन पर प्रकाश डाला और परिजनों का हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में शामिल बच्चों को देश की रक्षा करने का शहीद विजय से सीख लेने की नसीहत दी। विजय के नाम से ठूठीबारी में शहीद स्मारक बनवाने की मांग की गई। अजय, दरोगा रमाकांत मिश्रा, आरबी यादव, सरफुल्लाह, रमेश वर्मा, एसएसबी जवान पप्पू ढांडी आदि मौजूद रहे।