पेड़ के नीचे बनेगा चबूतरा, वृक्षों का चयन कर संरक्षण करेगा वन विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पुराने वृक्षों का अस्तित्व बचाने के लिए अब वन विभाग ने मुहिम शुरू की है। इसमें 100 साल पुराने वृक्ष की खास देखभाल की जाएगी। वन विभाग ऐसे वृक्षों का संरक्षण करेगा उन्हें विरासत का दर्जा दिया जाएगा। इन वृक्षों के नीचे चबूतरा बनाने के साथ ही आसपास सुंदरीकरण होगा। वन विभाग की ओर से ऐसे 16 पेड़ों को चिह्नित किया जा चुका है।
जिले में 100 साल पुराने कई वृक्ष हैं। कई वृक्ष ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था से भी जुड़े हुए हैं। इनमें कुछ अंग्रेजों के जमाने की याद दिलाते हैं। देखरेख न होने से जिलेभर में पुराने वृक्षों का अस्तित्व संकट में है। कुछ ऐसे भी हैं, जो मिटने की कगार पर हैं। शासन ऐसे वृक्षों के संरक्षित करने के लिए गंभीर रुख अख्तियार किया है। शासन ने पुराने वृक्षों को विरासत में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। शहरी व ग्रामीण इलाकों में ऐसे वृक्षों को विरासत वृक्ष का दर्जा दिया जाएगा। ग्राम स्तर पर प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, शहरी क्षेत्र में नगर पालिका को ऐसे वृक्षों की सूची तैयार हो गई है। ऐसी वृक्षों की देखभाल की जाएगी। आसपास चबूतरा बनाकर सुंदरीकरण किया जाएगा। वन विभाग की टीम ने पहले चरण में भ्रमण कर पुराने वृक्षों की सूची तैयार की है।
प्रभागीय वन अधिकारी पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि पुराने वृक्षों को विरासत वृक्ष का दर्जा देकर उन्हें संजोया जाएगा। लखनऊ से आई टीम ने ऐसे वृक्षों की पहली सूची तैयार कर शासन को रिपोर्ट दी है। शासन का निर्देश मिलने के बाद जल्द ही वृक्षों के संरक्षण को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वृक्षों के संरक्षण को मिलेगा बजट
प्रदेश जैव विविधता बोर्ड पुराने वृक्षों की पड़ताल कर उन्हें विरासत वृक्ष घोषित करेगा। विरासत वृक्षों के संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए शासन से बजट मिलेगा। इससे जिले में लोग पुराने वृक्षों के ऐतिहासिक महत्व को जान सकेंगे।
अब तक चिह्नित किए गए हैं 16 पेड़
जिले के बरगदही कुट्टी के पास पाकड़ आम और पीपल, रामनगर में साखू, सोनौली मंदिर के पास बरगद, दमकी में पीपल, बाली में पीपल, लक्ष्मीपुर शिवालय के मंदिर परिसर में बरगद, बैदौली में बरगद और पाकड़ संयुक्त रूप से, रायपुर में बरगद और पाकर अलग-अलग चिह्नित हैं। टेढ़ी में साखू, सोहगीबरवा में पीपल, पकड़ी नौनिया में बरगद और महुअवा में एक पीपल का वृक्ष चिह्नित किया गया है। इन 16 पेड़ों की रिपोर्ट वन विभाग की ओर से उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।