नौतनवा। देश के अलग-अलग प्रांतों में जाति, धर्म और परंपरा को समझने तथा मानवता की रक्षा के साथ ही लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पदयात्रा पर निकले विशाल मुर्मू बृहस्पतिवार को नौतनवा पहुंचे। पश्चिम बंगाल के ग्राम नाड़चा जनपद झाड़ग्राम निवासी विशाल मुर्मू तिरंगा लेकर पिछले एक साल पैदल यात्रा कर रहे हैं।
विशाल मुर्मू ने नेपाल की तरफ प्रस्थान करने से पहले नौतनवा के जयहिंद चौराहा पर बातचीत करते हुए बताया कि भारत अपने आप में प्राचीन सभ्यता, विविध धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों को समेटे हुए एक विशाल देश है। यहां के भौगोलिक और ऐतिहासिक स्थलों, प्रांतवार वहां के जाति और धर्म के लोगों के रहन-सहन, उनकी परंपरा को जानने और समझने की इच्छा तथा मानवता की रक्षा का संकल्प लेकर पदयात्रा पर निकले हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 के दिसंबर माह से उन्होंने पश्चिम बंगाल से अपनी यात्रा की शुरुआत की। इस बीच उन्होंने झारखंड में घाट शिला, उड़ीसा के जगरनाथ पूरी, आंध्र प्रदेश, चेन्नई, रामेश्वरम, केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू कश्मीर, लेह लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया है। सोनौली बॉर्डर होते हुए नेपाल में प्रवेश करेंगे। वहां की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा से रूबरू होने के बाद वह वापस रवाना हो जाएंगे।