नौतनवा। गोरखपुर-नौतनवा रेलखंड पर रविवार से दो पैसेंजर ट्रेनें निरस्त होने से लोगों का सफर महंगा हो गया है। साथ ही बस से आने-जाने में समय भी ज्यादा लग रहा है। इससे यात्री परेशान हो गए हैं। इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब एक हजार से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।
नौतनवा स्टेशन से चलकर नकहा जंगल तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 09:40 बजे गोरखपुर के लिए प्रस्थान करती थी। यह ट्रेन तीन माह के लिए निरस्त कर दी गई है। नकहा जंगल से दोपहर बाद 01:45 बजे चलने वाली पैसेंजर ट्रेन भी निरस्त हो गई। दोनों ट्रेनें निरस्त होने से रविवार को यात्री काफी परेशान रहे। इस ट्रेन से जहां लोग गोरखपुर या अन्य स्थनों तक यात्रा करते थे वहीं महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र भी भागीरथपुर, लक्ष्मीपुर, आनंदनगर तक प्रतिदिन जाते थे।
किसलावती, कुसुम, सुधा, गरिमा, अजय कुमार, सर्वेंद्र, विभूति, रामकरन आदि यात्रियों ने बताया कि गोरखपुर जाना है, लेकिन ट्रेन निरस्त हो गई। अब अधिक किराया देकर रोडवेज से यात्रा करनी पड़ेगी। बताया कि 45 रुपये में गोरखपुर तक चले जाते थे, लेकिन अब रोडवेज से 145 रुपये किराया देना पड़ेगा। साथ ही समय भी ज्यादा लगेगा। स्टेशन अधीक्षक जफरे आलम ने बताया कि कोहरे के कारण 29 फरवरी तक दोनों पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे प्रशासन ने निरस्त कर दिया है।
11 घंटे देरी से नौतनवा पहुंची दुर्ग एक्सप्रेस
नौतनवा। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली 28201 दुर्ग एक्सप्रेस रविवार को 11 घंटे देर नौतनवां स्टेशन पहुंची। इसके नौतनवा स्टेशन पर पहुंचने का समय शनिवार की रात 10 बजे है, लेकिन वह दूसरे दिन सुबह 09:01 बजे पहुंची। इससे यात्री परेशान दिखे। ट्रेन के आने के बाद स्टेशन पर प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों ने राहत महसूस की।
नौतनवा से चलकर दुर्ग तक जाने वाली दुर्ग एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन बृहस्पतिवार,शुक्रवार और शनिवार को चलती है। यह ट्रेन रात 10 बजे नौतनवां रेलवे स्टेशन पर आती है और दूसरे दिन सुबह 11:35 बजे नौतनवां से प्रस्थान करती है। रविवार को यह ट्रेन 11 घंटे की देरी से चलकर सुबह 09:01 बजे नौतनवां पहुंची है और 11:40 बजे यानी 05 मिनट की देरी से प्रस्थान की है। दुर्ग एक्सप्रेस नौतनवां से चलकर गोरखपुर, बनारस, प्रयागराज, सतना होते हुए दुर्ग तक जाती है। स्टेशन अधीक्षक जफरे आलम ने बताया कि दुर्ग एक्सप्रेस लगभग 11 घंटे देर से आई और निर्धारित समय से प्रस्थान की। संवाद