महराजगंज। लगातार चौथे दिन मंगलवार को भी बैंक बंद रहे। लगातार बैंक बंदी का सीधा असर बैंकिंग व्यवस्था पर पड़ा और करोड़ों का लेन-देन प्रभावित रहा। अधिकतर एटीएम में नकद नहीं मिला। ग्राहकों को कैश की किल्लत की परेशानी झेलनी पड़ी। शनिवार, रविवार और सोमवार को अवकाश था जबकि मंगलवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे।
बैंकिंग टाइमिंग को लेकर जारी बैंककर्मियों के विरोध का असर अब आम जनमानस पर पड़ने लगा है। लगातार चौथे दिन मंगलवार को बैंक में तालाबंदी से बैंक शाखाओं में नकद जमा–निकासी नहीं हो सकी। इस दौरान चेक क्लियरिंग, ऋण वितरण एवं सरकारी भुगतान जैसे कार्य बाधित रहे और व्यापारी, किसान व आम उपभोक्ताओं को कैश की किल्लत झेलनी पड़ी। घर के मांगलिक उत्सव के लिए खरीदारी करने वालों को सर्वाधिक असुविधा हुई। लीड बैंक मैनेजर के मुताबिक प्रतिदिन होने वाले 150–300 करोड़ रुपये के बैंकिंग लेन–देन में से लगभग 40–60 प्रतिशत लेन–देन प्रभावित रहा। बैंक बंद होने के चलते 100 से 150 करोड़ रुपये का वित्तीय कार्य ठप या विलंबित होने का अनुमान है।
लगातार चौथे दिन बंदी से असर :बीते शनिवार को महीने के चौथे शनिवार के चलते बैंक बंद रहे तो फिर रविवार सार्वजनिक अवकाश व सोमवार को गणतंत्र दिवस अवकाश रहा। मंगलवार को कर्मचारी यूनियन लामबंद हुए तो बैंकों की बंदी लगातार चार दिन जारी रही। कारोबारी अजय जायसवाल और राहुल पटेल ने कहा कि बैंक बंदी से चेक क्लीयर नहीं हो पाया। राघव चौधरी व एडवोकेट अजीत सिंह ने बताया कि घर में शादी के कारण खरीदारी करनी थी लेकिन कैश नहीं मिलने से नहीं किया जा सका।