महराजगंज। कार्तिक पूर्णिमा पर त्रिमुहानी घाट पर मेला लगा। पुल पर दोनों तरफ दुकानें सज गई थीं। इस वजह से श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए बड़े वाहनों का प्रवेश सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक बंद रहा। एक-एक कार व बाइक को भेजा जा रहा था। पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। पुलिस कर्मी वहीं से वाहनों को डायर्वट करते रहे थे। करीब 11 घंटे पर त्रिमुहानी पुल से बड़े वाहनों का आवागमन बंद रहा।
सोमवार सुबह सात बजे के बाद बड़े वाहनों को फरेंदा जाने से रोकते हुए डायर्वट कर दिया गया। पकड़ी से उनको मोड़ दिया, जिससे वे पनियरा होकर गुजरे। वाहनों को फरेंदा जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी। छोटे वाहनों को पुलिस धीरे-धीरे जाने दे रही थी। त्रिमुहानी पुल से पहले बैरिकेडिंग पर पुलिस तैनाती रही। पुल पर जाने के लिए 20 मिनट का वक्त लग रहा था। दोनों ओर दुकानें सजीं थीं। श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मेले में बाइक से जा रहे राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि फरेंदा जाना है, भीड़ की वजह से किसी तरह से पुल पार कर रहा हूं। यह कहते हुए वह आगे बढ़ गए। पैदल आ रहे महदेवा गांव निवासी वीरेंद्र ने बताया कि हर साल यहां मेले में भीड़ होती है। अब तो कम हो रही है। गुजरे वक्त की बात करें तो एक दिन पहले से ही दूर-दराज से श्रद्धालु आते थे। आज भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। जाम के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चेहरी गांव के संतराज सहानी ने कहा कि त्रिमुहानी का मेला भव्य होता है। इस बार भी मेले में श्रद्धालु अधिक संख्या में आए हैं। पुल से गुजरने में मेले के दौरान हर साल थोड़ी सी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं।
पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई थी। भारी वाहनों को सुबह सात बजे से शाम के पांच तक रोका गया था। किसी को समस्या न हो, इसे देखते हुए कार, बाइक समेत हल्के वाहनों को भेजा गया। इससे आवागमन में परेशानी नहीं हुई। मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर संभव बेहतर ढंग से व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई।
-रामकृष्ण यादव, प्रभारी निरीक्षक, यातायात