महिला अस्पताल के पास नगर पालिका की जमीन पर पीपीपी माडल से निर्मित कराया गया है कांप्लेक्स
कांप्लेक्स में 64 दुकानें, 8 हॉल और बेसमेंट में पार्किंग पार्किंग की है सुविधा
व्यापारियों ने मढ़ा आरोप, कहा वसूल रहे मनमाना डिपाजिट
महराजगंज। नगर पालिका परिषद के करोड़ों की जमीन पर पीपीपी मॉडल से बने बुद्धा कांप्लेक्स में दुकान आवंटन की प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। आरोप है कि संबंधित फर्म दुकानदारों से मनमाना डिपॉजिट लेकर दुकान आवंटन कर रही है। इस संबंध में स्पष्ट गाइड लाइन जारी नहीं किए गए हैं। कॉम्पलेक्स में 64 दुकानें और 8 हॉल निर्मित हैं।
जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिला मुख्यालय महिला अस्पताल के पास नगर पालिका की जमीन पर मल्टी परपज कांप्लेक्स का भूमि पूजन दिसंबर 2024 में सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने किया था। तत्कालीन डीएम अनुनय झा ने परियोजना को शहर की बुनियादी जरूरतों व व्यापारियों के लिए नया आयाम स्थापित करने वाला बताया था। निर्माण भी जोरशोर से शुरू हुआ तो स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद जगी।
हालांकि व्यापारियों की उम्मीदें तब टूटी जब पता चला कि नगर पालिका इसका निर्माण पीपीपी मॉडल पर करा रही है। निर्माण कराने वाली फर्म के ही स्वामित्व में यह कांप्लेक्स 25 वर्षों तक रहेगा। व्यापारियों को नगर पालिका प्रशासन ने यह कहकर शांत किया कि दुकानों के आवंटन में विभाग की तरफ से गाइडलाइन जारी होगी और उसी के अनुरूप कांप्लेक्स में दुकानों का आवंटन होगा। इसमें एक निश्चित राशि ही व्यापारियों से वसूली जाएगी लेकिन अब जब 42 दुकानों वाला तीन मंजिला कांप्लेक्स जब लगभग तैयार है तो बिना किसी गाइडलाइन के दुकानों का आवंटन निर्माण कराने वाली फर्म ने शुरू कर दिया है।
कांप्लेक्स की आधे से अधिक दुकानें आवंटित हो चुकी हैं। दुकान के लिए किसी से 10 लाख तो किसी से 30 लाख का डिपॉजिट वसूला गया। कांप्लेक्स में दुकान आवंटन को लेकर मची आपाधापी के खिलाफ नगर पालिका के सभासद सिद्धार्थ शुक्ला ने ईओ को लिखित पत्र देकर अपनी शिकायत भी बीते सप्ताह दर्ज कराई लेकिन न तो उनकी शिकायत का संज्ञान लिया गया और न ही कोई गाइडलाइन आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए प्रभावी की गई।
अब स्थानीय व्यापारी भी लामबंद होकर इसकी खिलाफत में उतर आए हैं। संयुक्त व्यापारी मोर्चा के पदाधिकारी इसे अनियमितता बताते हुए व्यापारियों को एकजुट करने में जुटे हैं। संगठन अध्यक्ष पशुपतिनाथ गुप्ता के मुताबिक इसे लेकर आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी है।
स्पीकअप
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कांप्लेक्स निर्माण को शहर के विकास की दिशा में एक नई पहल के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। सभासदों ने तभी इसे स्वीकार किया। दुकानों के आवंटन के लिए अलग-अलग धनराशि लेना ठीक नहीं है। डिपॉजिट राशि के सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
- सिद्धार्थ शुक्ला, सभासद शास्त्री नगर, महराजगंज।
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कांप्लेक्स निर्माण कराने वाली फर्म ने 25 वर्ष तक अपने स्वामित्व में कांप्लेक्स रखने का समझौता कर रखा है। संबंधित फर्म किसी से 15 लाख तो किसी से 30 लाख का डिपॉजिट दुकानों के एवज में ले रही है। इस राशि का कोई रसीद इत्यादि भी व्यापारियों को नहीं दिया जा रहा है।
- पशुपतिनाथ गुप्ता, जिला संयोजक व्यापार प्रकोष्ठ, महराजगंज
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महिला अस्पताल के बगल में बने कांप्लेक्स से स्थानीय कारोबारियों को बहुत उम्मीद थी। बुद्धा कांप्लेक्स निजी डेवलपर के मुनाफे का मॉडल बन गया है। डेवलपर दुकानों के लिए मनमाना डिपॉजिट ले रहे हैं और कोई रिकॉर्ड भी व्यापारियों को नहीं दिया जा रहा है। दुकानदार महीने का 10 से 15 हजार किराया भी देंगे।
-दामोदर गोयल, थोक किराना व्यापारी, महराजगंज।
बुद्धा कांप्लेक्स में 64 दुकानें, 8 हॉल और बेसमेंट पार्किंग है। दुकानों के आवंटन प्रक्रिया में ही पारदर्शिता नहीं है। छोटे कारोबारी दुकान पाने की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके हैं। बड़े व्यापारी किसी तरह डिपॉजिट का इंतजाम कर रहे हैं लेकिन जब वह आवंटित दुकान छोड़ेंगे तो डिपाजिट कौन वापस करेगा। यह निश्चित ही नहीं है।
-श्रवण कुमार वर्मा सराफा कारोबारी, महराजगंज।
वर्जन
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी कि किस आधार पर बुद्धा कांप्लेक्स की दुकानें आवंटित की जा रही हैं। व्यापारियों से कितनी रकम डिपॉजिट के तौर पर जमा कराई जा रही है और इसका रिकॉर्ड किसके पास रखा जाएगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए क्या किया गया है इसपर भी जवाब मांगा जाएगा।
-डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम, महराजगंज।