विकास भवन स्थित कृषि विभाग के कार्यालय के पास बदहाल पड़ा शौचालय।
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साहब के दर दम तोड़ रहा स्वच्छता अभियान
अधिकारियों के कार्यालयों के शौचालय बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए हरसंभव कोशिश का दावा तो किया जा रहा है लेकिन अभियान जिम्मेदारों के दर पर ही दम तोड़ता नजर आ रहा है। हालत यह है कि विकास भवन और कलेक्ट्रेट तक के शौचालय बदहाल हैं। ऐसे में स्वच्छता के लिए शहर तो दूर गांवों में स्वच्छता अभियान की क्या स्थिति होगी, खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्वच्छता अभियान की हकीकत देखनी है तो अधिकारियों के कार्यालय पर नजर डालें। दावों और हकीकत में अंतर समझ में आ जाएगा। विकास भवन में जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय के बगल की गली में शौचालय बना है। यहां दुर्गंध के कारण कोई आना नहीं चाहता है। शौचालय का फाटक खराब है। हाथ धोने के लिए लगा वाश बेसिन पान की पीक से लाल हो गया है। गंदगी का आलम यह है कि कोई एक मिनट भी खड़ा नहीं हो पाता। इसके बाद ऊपरी तल पर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के पास बने शौचालय की दशा बेहद खराब है। फर्श पर पानी फैला हुआ है। यहां भी सफाई ठीक नहीं है। इसके अलावा कलेक्ट्रेट परिसर में बने शौचालय तो साफ दिखे लेकिन फाटक ठीक हालत में नहीं है। सीट भी खराब हो चुकी है। पास ही बने महिला शौचालय पर ताला लगा रहता है। लोगों ने बताया कि अधिकारी जब अपने ही कार्यालय के शौचालय के रखरखाव को लेकर गंभीर नहीं है तो गांवों में शौचालय बेहतर हालत में कैसे रह सकते हैं। यही कारण है कि स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर पानी फिर रहा है। जिले को स्वच्छता की रैंकिंग में पहले पायदान पर लाने के लिए कठिन परिश्रम करना होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में सफाई व्यवस्था को लेकर मिले फीड बैक में महराजगंज जनपद 40वें पायदान पर है।
मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छता को लेकर गंभीरता बरती जाती है। विकास भवन परिसर को साफ सुथरा रखने के लिए प्रयास जारी है। अगर किसी कार्यालय का शौचालय खराब हालत में होगा तो जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा।