600 एकड़ चेहरी व 50 एकड़ भूमि झुलनीपुर में उद्योग विभाग ने किया चिह्नित
बिजली, पानी व सड़क सुविधा देकर विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
महराजगंज। कृषि बाहुल्य जिले को अब औद्योगिक क्षेत्र में अग्रसर करने की मुहिम शुरू हो गई है। उद्योग विभाग निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जनपद में भूखंड उपलब्ध कराएगा। इसके लिए विभाग ने 650 एकड़ जमीन को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड के एवज में उद्यमियों से मामूली शुल्क लिया जाएगा।
कृषि उत्पादन में जनपद अव्वल है। अब इसे औद्योगिक क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। वित्तीय सत्र 2025-26 में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए मामूली शुल्क लेकर उद्योग विभाग उद्यमियों को यूनिट के लिए भूखंड उपलब्ध कराएगा। इसके लिए प्रशासन के साथ मिलकर चेहरी में 600 एकड़ और 50 एकड़ भूभाग नेपाल बॉर्डर के झुलनीपुर में भी चिह्नित की गई है।
इन दोनों स्थानों पर बिजली-पानी व आवागमन के लिए पक्की सड़कों की उपलब्धता कराकर इसे औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए उद्योग विभाग ने डीएम की सहमति पर शासन को प्रस्ताव प्रेषित कर दिया है।
एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) से आवंटित होंगे भूखंड
औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग निवेशकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) यानी इच्छापत्र भरवाएगा। इच्छापत्र के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। चयनित उद्योगपतियों को कम शुल्क पर भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा। मंजूरी के बाद औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड आवंटन का लाभ दिया जाएगा। इच्छापत्र में उद्यमियों से प्रस्तावित उद्योग का प्रकार, जरूरत योग्य भूमि, संभावित निवेश, रोजगार सृजन तथा अन्य आवश्यक जानकारियां ली जा रही हैं। जिले में सदर तहसील क्षेत्र महराजगंज, फरेंदा और सिसवा में करीब 10 एकड़ जमीन औद्योगिक क्षेत्र की है। इसमें 198 उद्यमियों को आवंटन मिला हुआ है। यहां अधिकांश छोटे उद्योग स्थापित हैं।
जनपद को दो वर्ष में मिला 2576 करोड़ का निवेश
जनपद में निवेशकों की रुचि पिछले तीन वर्ष में बढ़ी है। पर्यटन, स्वास्थ्य व परिवहन के क्षेत्र में 2024 व 2025 में कुल 2576 करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है। पिछले दो सत्र में कुल 702 निवेश परियोजनाएं जमीन पर उतारी जा चुकी हैं। वित्तीय सत्र 2026-27 में निवेश की बात करें तो शासन से कुल 1000 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 535 करोड़ से अधिक का ओएमयू हो चुका है।
वर्जन
दो स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 650 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहां बिजली, पानी, परिवहन की सहूलियत विकसित कराई जाएगी। यहां पर कम शुल्क पर उद्यमियों को भूखंड उपलब्ध कराया जाएगा। निवेशकों से इच्छापत्र की फीडिंग कराई जा रही है। इसी इच्छापत्र के आधार पर निवेश की जानकारी देकर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-नीरज सिंह, उपायुक्त उद्योग, महराजगंज।