सोनौली। भारत-नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर काठमांडो से दिल्ली जा रही मैत्री बस से जांच के दौरान हाइड्रोपोनिक वीड क्वालिटी का करीब सात किलो गांजा बरामद हुआ। कस्टम और एसएसबी की संयुक्त जांच टीम दिल्ली निवासी तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच में जुटी है। बरामद गांजे की कीमत 6.26 करोड़ रुपये आंकी गई है।
शुक्रवार की सुबह सात बजे कस्टम और एसएसबी को सूचना मिली कि कुछ लोग एक बस में कोई मादक पदार्थ तस्करी की नीयत से लेकर आ रहे हैं। सूचना के बाद लेखराज मौर्य, सुधीर कुमार कस्टम अधीक्षक, जाकिर हुसैन इंस्पेक्टर कस्टम सोनौली और एसएसबी 22वीं वाहिनी निरीक्षक प्रशांत कुमार सिंह के साथ एक संयुक्त जांच दल तैयार किया गया।
दल ने कस्टम सोनौली बैरियर के पास जांच प्रारंभ की। शुक्रवार को शाम 6.45 बजे नेपाल के काठमांडू से भारत की तरफ आ रही मैत्री बस को रोककर जांच के दौरान तीन संदिग्ध (दो पुरुष और एक महिला) यात्री को सामान के साथ बस से नीचे उतारा गया।
पूछताछ करने पर एक ने अपना नाम अजहरुद्दीन निवासी एन-17/सी 481 टीजेजे कॉलोनी वजीरपुर, नार्थ दिल्ली। दूसरे ने हसमुद्दीन निवासी एन-17/84 टी-हट्स, जेजे कॉलोनी वजीरपुर-3, दिल्ली और महिला ने शमा निवासिनी एन-17/84 टी-हट्स, जेजे कॉलोनी वजीरपुर-3 दिल्ली बताया। उनके सामानों की जांच करने पर चार बैगों में रखे सफेद प्लास्टिक के 12 पैकेटों में 6.862 किलोग्राम गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) पाया गया। तीनों ने बताया कि वह इस सामान के साथ कंडुम थाईलैंड से मलेशिया होते हुए हवाई जहाज से काठमांडो आए थे। यह सामान थाईलैंड में सुल्ताना परवीन नामक महिला ने दिया था। तीनों ने तीन बैग में सामान रख लिया। आरोपी गांजा को दिल्ली लेकर जा रहे थे।
एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेट सी विवेक ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही है।