महराजगंज। साल 2025 मंगलकारी है। इस साल खूब शहनाई बजेगी। पहले महीने से ही लग्न प्रारंभ हो रहे हैं। 16 जनवरी से सहालग शुरू हो रहा है। 27 जनवरी तक 9 लग्न पड़ेंगे। इस साल 64 लग्न मुहूर्त हैं। लग्न ज्यादा होने के चलते वाहन, टेंट और मैरिज हॉल वालों की बल्ले-बल्ले रहेगी।
पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि मांगलिक कार्याें के लिए यह साल शुभ है क्योंकि 64 लग्न मुहूर्त पड़ रहे हैं। जनवरी में विवाह के नौ मुहूर्त हैं। फरवरी में तीन से 26 फरवरी के बीच 13 मुहूर्त हैं। मार्च में एक से छह मार्च के बीच चार मुहूर्त हैं। सात मार्च से होलाष्टक लगने और एक महीने का खरमास होने से 13 अप्रैल तक विवाह मुहूर्त नहीं है। इसके बाद अप्रैल में 10, मई में 12, जून में एक से लेकर नौ जून तक मुहूर्त हैं।
12 जून से गुरु अस्त होंगे, फिर 4 महीने का चातुर्मास होगा, इसमें विवाह मुहूर्त नहीं है। 12 जून के बाद नवंबर के महीने में विवाह के मुहूर्त पड़ रहे हैं। 18 नवंबर को पहला शुभ मुहूर्त पड़ रहा है। लग्न की अधिकता से व्यापारी भी उत्साहित हैं। उन्हें भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। पवन कसौधन ने बताया कि लग्न में कपड़े से लेकर बर्तन, जेवर व खाद्य वस्तुओं की बिक्री बढ़ जाती है, जिसके इंतजार में लगभग सभी व्यावसायी रहते हैं। इस बार 64 दिन पड़ रहे मुहूर्त से कमाई अच्छी रहेगी। जनवरी और फरवरी में तो एक-एक लग्न में कई कई शादियां पड़ रही हैं। वाहन, टेंट, मैरिज हाॅल इत्यादि बुकिंग करने वालों को भी कमाई का अवसर मिलेगा।
चार ग्रहण भी
आचार्य शरदेंदु पांडेय ने बताया कि 2025 में चार ग्रहण भी लग रहे हैं। इनमें दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण हैं। 14 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लगेगा। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। वहीं, 29 मार्च को चैत्र कृष्ण अमावस्या को सूर्य ग्रहण लगेगा, यह भी नहीं दिखेगा। सात सितंबर को पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण होगा। यह भारत में दिखाई देगा। 21 सितंबर को आश्विन अमावस्या को सूर्य ग्रहण होगा जो भारत में दिखाई नहीं देगा।