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Maharajganj News: आधार कार्ड दिखा खरीदते हैं खाद और कर देते सरहद पार

Tue, 02 Jan 2024 08:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। जिले में यूरिया लेने के लिए आधार के साथ खतौनी भी जरूरी है, लेकिन सिर्फ आधार दिखाकर ही कुछ स्थानों पर खाद ले लिया जा रहा है। इससे तस्करों को फायदा हो रहा है। तस्कर आसानी से खाद लेकर सरहद पार कर दे रहे हैं, जबकि भारतीय क्षेत्र में किसान खाद के लिए परेशान हैं। वर्तमान में जिले में 19000 एमटी यूरिया है। सभी दुकानों को निर्देशित किया गया है कि बगैर खतौनी व आधार के खाद वितरण हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। बीते दिनों जिलाधिकारी ने खाद वितरण में गड़बड़ी मिलने पर लिपिक समेत दो कर्मियों को निलंबित कर दिया था। आरोपियों पर केस भी दर्ज कराया गया था।
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सूत्रों की मानें तो सीमावर्ती क्षेत्र में खाद की तस्करी इसलिए नहीं रुक पाती है कि नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा है। कोई भी व्यक्ति आधार कार्ड से अंगूठा लगाए तो उसे खाद दे दी जाती है। आधार नंबर और किसान बताने वाले का नाम और गांव रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाता है। तस्कर इसी का लाभ उठाते हैं। नेपाल के शिवपुर, बरेवा, आमा, परसा, हाटी बनगाई, भैरहवा, छपिया, धकधई, पिपरहिया, करमहवा, मर्यादपुर, नौड़िहवा, गोनहा, बेथरी, बैरघाट, रायपुर, अमवा, मकरी, दुर्गवलिया आदि गांवों में तस्कर भारतीय खाद पहुंचाते हैं।
भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली कस्बा, दो नंबर गली, शेख फरेंदा, तिलहवा, सुंडी, खनुआ, भगवानपुर, श्यामकाट, अशोगवा, कनरी-चकरार, झिगटी, शिवतरी, पहाड़ी टोला, रेहरा-अहिरौली, पैसियां नाकों से खाद की तस्करी होती है। इस पर रोकथाम के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती है, लेकिन मौका देखकर तस्कर अपना काम कर लेते हैं। क्षेत्र में उर्वरक तस्करी से भारी मुनाफा होने के कारण खाद का धंधा जारी है।
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सूत्रों की माने तो तस्कर कैरियरों के माध्यम से दो से तीन बोरा दिन भर धीरे-धीरे मंगाते हैं। नेपाल में एकत्र होने के बाद मांग के हिसाब से रेट तय होता है। खाद की बोरी नेपाल में जितनी दूर जाएगी, उसका रेट भी उसी हिसाब से बढ़ता जाएगा। नो मेंस लैंड से थोड़ी दूरी पर नेपाली नागरिकों का खेत है। कभी कभार अगर कोई सुरक्षा कर्मी रोकता है तो उसे निजी काम के लिए ले जाने की बात कर कैरियर चले जाते हैं। नौतनवा तहसील क्षेत्र के करमहवा, सीहाभार, नौडिहवा, जिगिना, जमुहानी, गंगापुर, रमगढ़वा आदि स्थानों पर खाद की निजी लाइसेंसी दुकानें हैं। इनसे भी खाद आसानी से मिल जाती है। 266.50 रुपये की यूरिया सीमा पार 800 रुपये मूल्य पर बेची जा रही है। डीएपी 1350 रुपये भारत में नेपाल जाते ही 1500 से 2200 रुपये रेट हो जाती है।


सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। अगर ऐसी बात है तो कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त गश्त के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
-आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक

जिले में सभी उर्वरक विक्रेताओं को नियम के अनुसार खाद विक्री करने का निर्देश दिया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय समय पर दुकानों की जांच की जाती है। जिले में 19000 एमटी यूरिया उपलब्ध है। किसानों को समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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-वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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