परसामलिक। नौतनवा ब्लाॅक क्षेत्र में धान की नर्सरी की तैयारी जोरों पर चल रही है, लेकिन रोहिन नहर में पानी की सप्लाई नहीं होने से किसानों की पेशानी पर बल आ गया है।
धान की नर्सरी को लेकर चिंतित किसान नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नौतनवा ब्लाॅक के रतनपुर स्थित रोहिन नदी में सिंचाई के उद्देश्य से 148 करोड़ रुपये की लागत से बैराज का निर्माण करके नहर निकाली गई है, जिसका लोकार्पण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 5 अप्रैल को किया था।
रोहिन बैराज से जो नहर निकली है, लक्ष्मीपुर ब्लाॅक को जोड़ती है। नहर की कुल लंबाई माइनर और रजवाहा मिलाकर 45.363 किमी है। इस नहर से 65 गांवों के 16 हजार किसानों को पानी मिलने पर नौतनवा व लक्ष्मीपुर ब्लाॅक की 8811 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
बताया जा रहा है कि नहर की सफाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुछ जगहों पर नहर के ऊपर पुलिया का निर्माण चल रहा था, वह भी पूर्ण हो गया है। मगर अभी भी बैराज के पास नहर में लाइनिंग का कार्य हो रहा है।
उधर, किसान धान की नर्सरी लगाने के लिए नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ किसान महंगे दामों पर डीजल खरीदकर पंपिंग सेट के सहारे धान की नर्सरी लगा रहे हैं।
क्षेत्र के किसान बाबू लाल यादव, शरीफुल, शंकर यादव, जित्तन मौर्या, राजेश मौर्या, भेलई यादव, जगदीश यादव, जयप्रकाश पांडेय, धर्मेन्द्र तिवारी, प्रेम नरायन, शंकर, रामकेश साहनी, शाहआलम आदि का कहना है कि नहर मेंं पानी आ जाता तो नर्सरी लगाने में काफी मदद मिलती।
जेई उपेन्द्र सिंह ने बताया कि बैराज से आगे नहर में 200 मीटर लाइनिंग का कार्य चल रहा है, जो करीब एक सप्ताह में पूर्ण हो जाएगा। इसके पूरा होते ही नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।