उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से एसीपी का क्रियान्वयन न होने तथा समय से वेतन नहीं मिलने पर तहसील दिवस पर कार्य बहिष्कार किया गया। तहसील परिसर में लेखपालों ने धरना दिया। जनवरी तक मांगों को पूरा न करने पर तहसील दिवस के साथ ही थाना दिवस के बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष छविराज ने कहा कि लेखपालों की लंबित मांगे जनवरी तक पूरा नहीं की गईं तो फरवरी से जिला स्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा। लोकपति त्रिपाठी ने कहा कि दफ्तरों के लिपिक अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं। लिपिकों के व्यवहार से लेखपालों में गुस्सा है।
लेखपाल संघ द्वारा मांग पत्र कम दिया जाएगा दफ्तरों की कमियां उजागर कर उसे समाप्त करने की कोशिश की जाएगी। खंड मंत्री किशोर प्रसाद ने कहा कि चार माह से तहसील शाखा के पदाधिकारियों ने एसीपी व अन्य मांगों के लिए मांग पत्र अधिकारियों को दिया था। लिपिकों के लापरवाही के चलते पूरा नहीं हो सका।
धरने का संचालन तहसील मंत्री इन्द्र कैलाश ने किया। पूर्व जिला मंत्री रूदल प्रसाद, श्रवण पटेल, त्रिलोकी शर्मा, रामबचन, श्रीपति वर्मा, इस्लाम अली, अनवर अली, सेराजुल्लाह खां, दीपक पांडे, सत्येन्द्र, आशुतोष, जुलकरनैन, मैनुद्दीन, कतवारू चन्द निराला आदि मौजूद रहे।
निचलौल में भी नहीं किया कामः एसडीएम के तानाशाही रवैये को लेकर निचलौल इकाई के लेखपालों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार किया। संघ के अध्यक्ष श्यामा प्रसाद ने कहा कि संघ की विभिन्न समस्याओं को लेकर पूर्व में वार्ता किया गया। परन्तु एसडीएम धमकाने का काम कर रहे हैं। एसडीएम तानाशाही रवैया अपना कर संघ के उचित मांगों को दबाना चाहते हैं।