अवैध बालू खनन को रोकने के संबंध में सोमवार को कोठीभार थाना क्षेत्र के अहिरौली के लोगों ने डीएम को ज्ञापन दिया।
अहिरौली निवासी अखिलेश सिंह ने बताया कि उक्त गांव के गंडक नदी से हो रहे अवैध बालू खनन से बालू माफियाओं और ग्रामीणों से अक्सर झड़प होती रहती है। यही नहीं नदी के किनारे खेत बर्बाद हो रहे है। इससे लोग परेशान रहते है।
उन्होंने बताया कि बालू माफियाओं का आतंक और गुंडागर्दी इतनी बढ़ गयी है कि चौराहों पर कोई भी ग्रामीण बालू खानन का विरोध करता है तो उसे मारना शुरू कर देते हैं। इससे गांव के लोग सदमे में है। उन्होंने बताया कि अहिरौली, रानीपुर की उपजाऊ खेती के कटने से किसान भुखमरी में आ जाएंगे। इसे देखते हुए बालू खान पर तत्काल रोक लगाई जाए। बालू खानन से सड़कों, नाली टूट रहे है। उन्होंने अवैध बालू खनन पर रोक लगाने तथा बालू माफियाओं पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इस दौरान उमेश दूबे, धंजय, इंदल, महेन्द्र, राकेश, अरुण सिंह, श्याम सुन्दर दीनानाथ के अलावा तमाम ग्रामीण उपस्थित रहे।
वैध घाट बंद, फिर भी हो रहा अवैध खनन
महराजगंज। जनपद में सभी वैध घाट कोर्ट के आदेश के बाद बंद हैं। बावजूद जिले में अवैध खनन जोरों पर है। अवैध खनन की जानकारी अधिकारियों तक है लेकिन वे अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई से कतरा रहे हैं।
घुघली, निचलौल, पनियरा, फरेंदा, नौतनवा, बृजमनगंज आदि थाना क्षेत्रों में आधी रात व भोर में अवैध बालू खनन जोरों पर चल रहा है। पुलिस और संबंधित विभाग को जानकारी है। बावजूद कार्रवाई नहीं होती है। बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर पुलिस वालों की मिली भगत है। पुलिस वाले प्रति ट्राली एक से दो हजार तक ले रहे हैं और अवैध खनन करा रहे हैं।