नई रेल लाइन परियोजना के तहत 24.8 किलोमीटर के दायरे में निर्माण कार्य तेज
महराजगंज। घुघुली-महराजगंज-आनंदनगर नई रेल लाइन पर साढ़े पांच मीटर ऊंचा ट्रैक बनेगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अंडरपास निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही मुआवजा लेने के बाद रेलवे की जमीन पर खेती करने वाले किसानों को नोटिस भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, नई रेल लाइन परियोजना के तहत 24.8 किलोमीटर के दायरे में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार यह नई रेल लाइन जिले के दो छोर से गुजरने वाली मौजूदा रेल लाइनों की तुलना में सड़क की सतह से करीब साढ़े पांच मीटर ऊंची बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य रेल और सड़क यातायात को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखना है। परियोजना के तहत जहां-जहां रेल ट्रैक सड़क मार्ग को पार करेगा, वहां अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। इससे बरसात के दिनों में अंडरपास में जलभराव की समस्या नहीं होगी और सड़क यातायात प्रभावित नहीं रहेगा।
रामपुर बल्डिहा और पिपरदेउरा में रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके अलावा दो नए अंडरपास के निर्माण के लिए डिजाइन तैयार कर स्वीकृति के लिए रेलवे इंजीनियरिंग विभाग को भेजा गया है। घुघुली के पास भी दो नए अंडरपास के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं, रेल लाइन निर्माण की निगरानी और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रखने के लिए महराजगंज और भिस्वा में एलसी कार्यदायी संस्था एवं निर्माण एजेंसी के कार्यालयों का निर्माण शुरू हो गया है। वहीं शिकारपुर में रेल लाइन के लिए कंक्रीट प्लांट तैयार किया जा रहा है। इस प्लांट में धर्म कांटा स्थापित किया जाएगा। रेल लाइन निर्माण में उपयोग होने वाले लोहे की गुणवत्ता जांच के लिए लैब भी बनाई जा रही है।
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि घुघुली से महराजगंज वाया आनंदनगर तक बनने वाली यह नई रेल लाइन कप्तानगंज–घुघुली–सिसवा–नरकटियागंज व गोरखपुर–आनंदनगर–नौतनवा रेल लाइन की तुलना में अधिक ऊंचाई पर बनाई जा रही है। इससे भविष्य में जलभराव, सड़क कटान और यातायात बाधा जैसी समस्याओं से बचा जा सकेगा।
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अधिग्रहित भूमि पर फिर से गेहूं की बुआई कर दी
रेल लाइन निर्माण के दायरे में आने वाली भूमि पर दोबारा खेती किए जाने से निर्माण एजेंसी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के अनुसार, 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर प्रभावित किसानों को मुआवजा का भुगतान कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ किसानों ने अधिग्रहित भूमि पर फिर से गेहूं की बुआई कर दी। इस वजह से निर्माण कार्य प्रभावित होने लगा। पड़री बुजुर्ग, शिकारपुर, महुआ और पिपराइच उर्फ पचरुखिया गांवों में करीब पांच किसानों ने मुआवजा प्राप्त करने के बाद भी रेलवे की भूमि पर खेती शुरू कर दी थी। रेलवे रिकॉर्ड में यह भूमि अब पूर्ण रूप से रेलवे की संपत्ति है।
वर्जन
ऐसी जमीनों को जेसीबी मशीन लगाकर खाली कराया गया है ताकि परियोजना तय समय सीमा में पूरी की जा सके। रेलवे ने स्पष्ट किया है की आगे भी निर्माण कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-रोहित गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, निर्माण एजेंसी
मौलागंज के पास क्षतिग्रस्त पुल की जगह 15 दिन बाद बनेगा नया पुल
चौरी-हंसखोरी मार्ग पर स्थित मौला गंज के पास क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नया पुल का निर्माण कार्य जनवरी माह के पहले सप्ताह में शुरू होगा। विभाग ने पुल निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर को 25 दिसंबर को खोला जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और बांड तैयार होने के बाद लगभग 16 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू होगा। मौलागंज के पास स्थित यह पुल पनियरा क्षेत्र और आसपास के गांवों के लिए जिला मुख्यालय से जुड़ने का प्रमुख संपर्क मार्ग है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरेश कुमार ने बताया कि पुल की स्थिति बेहद खराब है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात्रि में होती है। संवाद
इन गांवों के लोगों मिलेगी सहूलियत
सुचितपुर, मोहद्दीनपुर, जर्दी बड़हरा लाला, अनंतपुर तेंदुअहिया, रानीपुर, लक्ष्मीपुर, सोनबरसा, गिरगिटिया, चौरी चौरा, जंगल बड़हरा, कुआं चाप, रामनगर, मुजुरी बाजार, औरहिया, डोमरा, अड़बड़हवा हरखपुरा, नरकटहा, अहिरौली, बैंदा, कनैला, रामपुर, गांगी बाजार, भवानीपुर, सौरहा आदि गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
वर्जन
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क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नया पुल के निर्माण के लिए विभाग की ओर से सभी तैयारियां हो चुकी हैं। अगले माह में निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
-एडीशन सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग