महराजगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में भी दिखा। जिले के 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर आयोजित मेले में कहीं फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के भरोसे मरीजों का उपचार हुआ तो कहीं अधिकारियों ने खुद कमान संभाली।
नौतनवा में मरीज चिकित्सक का इंतजार करते रहे, जबकि निचलौल के गड़ौरा में सीएचसी अधीक्षक ने ओपीडी में मरीजों की जांच की। पनियरा के मंगलपुर पीएचसी पर निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने भी मरीजों का उपचार किया। जिले भर में आयोजित मेले में कुल 1036 मरीजों को उपचार मिला। इनमें 517 महिलाएं, 467 पुरुष और 52 बच्चे शामिल रहे।
जहदा और बजही में फार्मासिस्टों ने संभाली जिम्मेदारी
निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के पीएचसी जहदा में आरोग्य मेले के दौरान 35 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। यहां डॉक्टर की गैरमौजूदगी में फार्मासिस्ट सिराजुद्दीन खान, पुनीता और लैब टेक्नीशियन सुदर्शन यादव समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की देखभाल की। वहीं, पीएचसी बजही में 27 मरीजों का उपचार किया गया। यहां फार्मासिस्ट मधुरेंद्र तिवारी, एएनएम मंजू मौर्य और वार्ड बॉय भूपति मौजूद रहे। दोनों केंद्रों पर मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्यकर्मियों के सहारे उपचार उपलब्ध कराया गया।
गड़ौरा में अधीक्षक ने देखी ओपीडी
पीएचसी गड़ौरा में आयोजित आरोग्य मेले में 24 मरीज पहुंचे। मरीजों में सर्दी, जुकाम, त्वचा रोग, पेट दर्द, वायरल बुखार, शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित लोग शामिल रहे। यहां सीएचसी अधीक्षक डॉ. उमेश चंद ने खुद ओपीडी की जिम्मेदारी संभाली। उनके साथ डॉ. कमलेश, फार्मासिस्ट सत्यप्रकाश चतुर्वेदी और लैब टेक्नीशियन सतीश चंद ने सेवाएं दीं। स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, मरीजों को निशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खाली मिली डॉक्टर की कुर्सी
नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार, नौतनवा स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार सुबह आरोग्य मेले के दौरान चिकित्सक की कुर्सी खाली मिली। सुबह 11:28 बजे कुछ महिला मरीज पर्ची कटवाकर डॉक्टर का इंतजार कर रही थीं। उस्मान नगर निवासी मीना कौशल ने बताया कि उन्हें सर्दी, जुकाम और बुखार की शिकायत थी। वहीं, शास्त्री नगर निवासी सिमरन पेट दर्द की समस्या लेकर सुबह करीब 11 बजे अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन उन्हें चिकित्सक नहीं मिलीं। मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट सुरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि डॉ. रेशमा खातून की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन वह और लैब टेक्नीशियन तरुण तिवारी अस्पताल नहीं पहुंचे। बाद में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर करीब 12 बजे डॉ. मंजुला शुक्ला अस्पताल पहुंची और मरीजों का उपचार किया। इस दौरान फार्मासिस्ट सुरेंद्र द्विवेदी, एएनएम आरती देवी, वार्ड बॉय दिलीप पांडेय और स्वीपर शंकर मौजूद रहे।
टीकाकरण की प्रक्रिया हुई प्रभावित
धानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के नौसागर स्थित न्यू पीएचसी में आयोजित मेले में 52 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की गईं। यहां वायरल बुखार, पेट दर्द, सर्दी-जुकाम, बीपी और शुगर की समस्या से पीड़ित मरीज पहुंचे। चिकित्सक डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों को मौसमी बीमारियों से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण टीकाकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
बोले अधिकारीमरीजों की जांच और उपचार में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। सभी पीएचसी पर नियमित चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
- डॉ. केपी सिंह, नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ