महराजगंज/ निचलौल। भारत-नेपाल सरहद पर इन दिनों धंधेबाज ब्राजील के मक्के को नेपाल से भारतीय इलाकों में पहुंचा रहे हैं। बाॅर्डर पर इस धंधे को कैरियर और पिकअप की मदद से अंजाम दिया जा रहा है। क्योंकि नेपाल में जहां ब्राजील के मक्के की कीमत वर्तमान में 62 से 63 रुपये है। वहीं ब्राजीली मक्का भारतीय इलाके में पहुंचते ही 95 से 100 रुपये किलो हो जाता है।
छह अक्तूबर को कस्टम टीम बाॅर्डर से सटी झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गई तस्करी का 22 बोरी ब्राजीली मक्का बरामद किया।
भारत और नेपाल के बाजारों में खाद्य सामग्री के मूल्य में लगातार उतार चढ़ाव होता रहता है। इस पर दोनों देशों में बैठे धंधेबाजों की नजर बनी रहती है। ऐसे में इन दिनों दोनों देशों के बाजार में ब्राजीलियाई मक्के की कीमत में काफी अंतर है। इसका फायदा लेने में धंधेबाज कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। क्योंकि तस्कर रात के अंधेरे में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर अपनी काली करतूत को अंजाम देने में लगे रहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती होने के दौरान तस्कर पगडंडियों के रास्ते कैरियर की मदद से साइकिल या बिना नंबर की बाइक से मक्के की खेप पलक झपकते बाॅर्डर पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचा देते हैं। इतना ही नहीं अगर थोड़ा भी सुरक्षा एजेंसियों से चूक हुई, तो तस्कर मुख्य नाका के रास्ते ही पिकअप से मक्के की खेप भारत पहुंचा देते हैं।
हालांकि बाॅर्डर पर इस अवैध धंधे को रोकने के लिए तैनात कई सुरक्षा एजेंसियां अभी मामले से अंजान बनी हैं, जबकि तस्कर ब्राजील के मक्के को नेपाल से भारत पहुंचा कर महंगे दामों पर धंधेबाजों के हवाले कर दे रहे हैं। मक्के की तस्करी में कारोबारियों को धंधे से भारी मुनाफा हो रहा है।
बातचीत के दौरान कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने बताया कि इन दिनों नेपाल के बाजार में 62 से 63 रुपये किलो की दर से ब्राजील का मक्का मिल जा रहा है। जबकि बॉर्डर पार कर भारत पहुंचते ही इसका कीमत 95 से 100 से 120 रुपये किलो हो जा रही है।
भारत-नेपाल सरहद की इन पगडंडियों से अधिक होती है तस्करी : सूत्रों के मुताबिक भारत-नेपाल सरहद के सीमावर्ती गांव पथलहवा, कनमिसवा, रेंगहिया, चालीस कड़िया, शीतलापुर, लक्ष्मीपुर, रामनगर, हरदीडाली के मुर्दहिया घाट, त्रिलोकपुर घाट, कैथवलिया उर्फ बरगदही घाट, कोमरिया घाट, खनुआ, परसिया घाट, सुंडी घाट, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, नौड़िहवा घाट, बैरिहवा के पोस्ट मास्टर टोला घाट, रजिया घाट, शेख फरेंदा, केवटलिया, फरेंदी तिवारी गांव के तिलहवा घाट, डांडा हेड , भगवानपुर, रेहरा, रधुनाथपुर, श्यामकाट, पिपरहिया, सेवतरी, छपवा, मुड़िला, पिपरहवा घाट,चंडीथान, बैरिया बाजार, कुरहवाखुर्द के पास पगडंडियों से होकर तस्कर आसानी से अपने मकसद में सफल हो जा रहे हैं।
इसलिए नहीं रुक रही तस्करी : निचलौल तहसील बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता सरजू पांडेय के मुताबिक बाॅर्डर पर पकड़ी जाने वाली हर वस्तु को कस्टम के सुपुर्द कर दिया जाता है। कस्टम के लिए जो कानून बना है। वह बहुत ही कमजोर है। इसलिए बहुत कम जुर्माने पर पकड़ा गया सामान छोड़ दिया जाता है। अगर पकड़े गए सामान के हिसाब से उसकी कीमत लगाते हुए जुर्माना लगाया जाए, तो तस्करी में अपने आप कमी आ जाएगी। इस पर कठोर कानून बनाने की जरूरत है।