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Maharajganj News: भारत-नेपाल की साझा संस्कृति को जोड़ने की जरूरत, बुद्ध के उपदेश पहुंचे आमजन तक

Sun, 22 Sep 2024 04:22 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज

सार

डॉ. राजेश सवेरा ने कहा कि शून्यता के ध्यान से हम अपने भीतर शांति और खुशी का अनुभव होता है। विश्व में शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हमें बुद्ध के संदेशों और उपदेशों को अपनाते हुए शून्यता का ध्यान करना चाहिए। कहा, हमें बुद्ध के संदेशों को ध्यान करना चाहिए, जिसमें हमें खुशी की अनुभूति मिलती है।
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शून्यति इंटरनेशनल फाउंडेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट हॉल में शनिवार की दोपहर शून्यति इंटरनेशनल फाउंडेशन (एसआईएफ) के तत्वावधान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। संस्था में उपदेशक ध्यानाचार्य नागजीवा ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेशों और संदेशों के माध्यम से विश्व स्तर पर शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

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भारत-नेपाल की साझा संस्कृति को जोड़ते हुए बुद्ध के संदेशों और उपदेशों को आम जन तक पहुंचने की जरूरत है। हम भगवान बुद्ध को शिक्षक और गुरु की तरह मानते हैं।

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शून्यति इंटरनेशनल फाउंडेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमें बुद्ध के संदेशों को ध्यान करना चाहिए जिसमें हमें खुशी की अनुभूति मिलती है।

डॉ. राजेश सवेरा ने कहा कि शून्यता के ध्यान से हम अपने भीतर शांति और खुशी का अनुभव होता है। विश्व में शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हमें बुद्ध के संदेशों और उपदेशों को अपनाते हुए शून्यता का ध्यान करना चाहिए। इस मौके पर संस्था के दिव्य प्रकाश, विजय कुमार, मणिराम खड़गा, देवी राज श्रेष्ठ, लेखनाथ, सावित्री सुनवर, भानु भक्त धमला, प्रमिला धमला, सूर्य परियार आदि मौजूद रहे।
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