फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: मंत्रा शक्ति से घटेगी खाद के लिए किसानों की कतार

विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। जनपद के सहकारी समितियों व पंजीकृत उर्वरक विक्रेताओं की दुकान के लिए अब खाद के लिए किसानों की कतार नहीं दिखेगी। उर्वरक वितरण प्रक्रिया के क्रियान्वयन लिए कृषि निदेशालय ने पीओएस मशीन को मंत्रा साफ्टवेयर से अपडेट कराएगा जिसके बाद पीओएस मशीन की गति तेज होगी और किसान का फिंगर प्रिंट लगते ही यह पूरा विवरण पलक झपकते ही उपलब्ध कराएगा। दर्ज रहा विवरण के मुताबिक किसान समिति व दुकानों से तुरंत उर्वरक पा सकेंगे। जिला कृषि विभाग के सूत्रों के मुताबिक अगले माह मशीन के अपडेशन की प्रक्रिया जनपद में प्रभावी की जा सकती है।
विज्ञापन

जिले में उर्वरक बिक्री के लिए पीओएस मशीन से किए जाने की अनिवार्यता है लेकिन इस मशीन की स्पीड इतनी धीमी है कि एक किसान को उर्वरक बिक्री प्रक्रिया पूरी करने में 7 से 10 मिनट का समय लग जाता है। उर्वरक पाने में लग रहे समय के कारण खाद की उपलब्धता के बाद भी किसानों को उर्वरक प्राप्ति के लिए लाइन लगाने की मजबूरी रहती है। लेकिन आने वाले समय में सोसाइटी या उर्वरक की पंजीकृत दुकानों पर किसान महज दो मिनट में उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए पाश मशीन में कृषि निदेशालय मंत्रा साफ्टवेयर अपडेट कराने जा रही है जो मशीन की कार्यक्षमता को बढ़ाकर उर्वरक की ऑनलाइन बिक्री प्रक्रिया को रफ्तार देने का कार्य करेगी।
पांच लाख किसान कृषि विभाग में पंजीकृत
कृषि विभाग के मुताबिक, जनपद में कुल पांच लाख के आसपास किसानों की पंजीकृत संख्या है। सब्सिडी पर खाद या बीज लेने के लिए पीओएस मशीन पर किसानों की अपने फिंगर स्कैन करना होता है। पहले फिंगर स्कैनिंग के बाद दर्ज रकबा, आधार नंबर, खरीफ व रबी में खाद लेने की तारीख का जिक्र मिलता है लेकिन यह पूरी प्रक्रिया कई चरण में होने के चलते स्लो रहती थी लेकिन कृषि विभाग की तरफ से विकसित कराए गए मंत्रा साफ्टवेयर पाश मशीन में अपडेट होते ही पूरी प्रक्रिया एकसाथ अपडेट कर देगी और पलक झपकते ही फिंगर स्कैनिंग के बाद उर्वरक बिक्री हो सकेगी। जनपद में कुल 1095 पंजीकृत बीज व उर्वरक विक्रेता पंजीकृत हैं जो पाश मशीन से उर्वरक व बीज की बिक्री करते हैं। इसके अलावा 96 साधन सहकारी समिति व 12 राजकीय बीज गोदाम से पीओएस मशीन के मार्फत बिक्री होती है। इस साफ्टवेयर के अपडेट होने के बाद इन मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ जाएगी।
विज्ञापन


राज्य कृषि निदेशालय ने पीओएस मशीन की गति बढ़ाने के लिए मंत्रा नाम का साफ्टवेयर विकसित कराया है। इसका ट्रायल सफल साबित हुआ है। शीघ्र ही विभाग पाश मशीनों में नया साफ्टवेयर अपडेट कराने का निर्देश प्रभावी करेगी जिससे किसानों को कहीं भी उर्वरक के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें