कारोबारियों ने जिला प्रशासन को अपनी समस्या से अवगत करा दिया, नाली बनाने के लिए हो रही खोदाई
दुकानदारों की आशंका- सर्विस लेन बनी तो टूट जाएंगी कई दुकानें
जिम्मेदारों के मुताबिक अभी सर्विस लेन का प्रावधान नहीं, चिंता न करें व्यापारी
महराजगंज। शहर से लेकर ठूठीबारी नेपाल बॉर्डर तक बनने वाले हाईवे में तेजी दिख रही है। बीते दिनों शहर में चिह्नांकन हुआ तो व्यापारियों की नींद उड़ गई। व्यापारियों को यह डर सता रहा है कि यदि शहर में सर्विस लेन बनाया गया तो उनकी दुकानें उजड़ जाएंगी। व्यापारियों ने जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत करा दिया है। हालांकि अब जिम्मेदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल सर्विस लेन का प्रावधान नहीं है।
सोमवार को शहर में सक्सेना चौक से आगे बढ़ने पर दुर्गा मंदिर के पास नाली बनाया जा रहा था। खोदाई करने के बाद जाली लगाई जा रही थी। कार्यदायी संस्था के कर्मी निगरानी करने में जुटे रहे। वहीं आस पास के कारोबारी संशय में हैं कि कहीं नाली के बाद सर्विस लेन बनाने की प्रक्रिया न शुरू कर दी जाए। कारोबारी सुनील जायसवाल ने बताया कि शहर में सड़क चौड़ी होना ठीक है। आने वाले दिनों में इसका लाभ सभी को मिलेगा लेकिन निर्माण के दौरान मानक की ध्यान नहीं रखा जाए। यह स्पष्ट ही नहीं है कि शहर में सर्विस लेन बनेगा या नहीं। अगर सर्विस लेन बना तो करीब सात सौ दुकानें इसके दायरे में आएंगीं। तमाम लोगों का कारोबार चौपट हो जाएगा। लंबे समय से दुकान चलाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
इसी रास्ते पर आगे बढ़ने पर आकाश अग्रवाल मिले। उन्होंने बताया कि नाली की खोदाई की गई है। एक तो आने-जाने में समस्या हो रही है। दूसरी समस्या यह है कि यह किसी तो पता ही नहीं है कि सड़क कितने मीटर चौड़ी होगी। कोई 10 मीटर बता रहा है तो कोई 12 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण की बात कह रहा है। सुनने में आ रहा है की शहर में सर्विस लेन बनाई जाएगी। लेकिन अधिकारी यह बता रहे हैं कि शहर में सर्विस लेन नहीं रहेगा। यही कारण है कि कुछ समझ में नहीं आ रहा है। सर्विस लेन बनने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कारोबारी परेशान हैं।
बस स्टेशन के पास सात-आठ की संख्या में एकत्रित कारोबारी इसी मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। यहां मिले रंजीत कुमार कहने लगे कि जब तक सड़क बननी शुरू नहीं हो जाएगी, तब तक ऐसी ही बातें होती रहेंगी। वैसे भी शहर में सर्विस लेन की जरूरत नहीं है। सड़क 10 मीटर चौड़ी रहेगी तो पुरानी दुकानें बच जाएंगी। कारोबारी रमेश वर्मा, राजेश, दुर्गा रौनियर ने भी समस्या का जिक्र करते हुए सर्विस लेन बनने की आशंका प्रकट की। उन्होंने कहा कि अगर शहर में सर्विस लेन बन गया तो तमाम दुकानें टूट जाएंगी। वैसे भी फरेंदा रोड बनने के दौरान तमाम दुकानें टूट चुकी हैं। आज भी कारोबारियों के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी है। बातचीत के दौरान सभी लोगों ने कहा कि अब जो होगा, उसे देखा जाएगा। समस्या के बारे में प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।
कोट...
बीच से सड़क को आठ मीटर चौड़ा करना चाहिए लेकिन 6 मीटर पर ही नाली बना दिया गया है। इससे सड़क की चौड़ाई भी कम होगी और आने वाले समय में व्यापारियों को दिक्कत भी होगी। सर्विस लेन बनने की बात सुनकर चिंता हो रही है।
-मनोज जायसवाल, कपड़ा व्यापारी
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बीच सड़क से 8 मीटर दोनों तरफ लेकर उसके बाद 2 मीटर की नाली बनाई जाए। इससे व्यापारी भी सुरक्षित रहेंगे और नगर भी। लेकिन अभी बीच सड़क से 6 मीटर लिया जा रहा है, इससे रास्ता सकरा हो जा रहा है और संशय भी हो रहा है।
-अशोक पटेल, इलेक्ट्रानिक व्यापारी
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शहर के अंदर जो नाली बन रही है। वह शहर के हिसाब से बहुत सकरी है। एक तय मानक के अनुसार बेहतर ढंग से काम हो और सभी पुरानी दुकानें बच जाएं तो बेहतर रहेगा।
-अमित कुमार लाट, व्यापारी
बीच सड़क से 10 मीटर की चौड़ाई लिया जाए और बीच में डिवाइडर बना दिया जाए तो ठीक रहता है। इस तरह से निर्माण शुरू है कि कुछ समझ में नहीं आ रहा है। सबकी बातें अलग-अलग हैं। कुल मिलाकर दुकान बची रहें, यही बेहतर रहेगा।
-सदरे आलम, व्यापारी
किसी भी प्रकार के सर्विस लेन का प्रावधान नहीं
एनएचआईए की ओर से तैयार डीपीआर के मुताबिक, शहर में सक्सेना तिराहे से 180 मीटर तक सड़क की चौड़ाई 12 मीटर रखी जाएगी। इस हिस्से में सड़क के दोनों ओर पौने दो-दो मीटर चौड़ी नालियों का निर्माण हो रहा है ताकि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर हो सके। वहीं, इसी 180 मीटर के आगे से लेकर डेढ़ किलोमीटर तक सड़क की चौड़ाई 20 मीटर रखी जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार के सर्विस लेन का प्रावधान नहीं है।
वर्जन
शहर में सक्सेना चौक से आगे डेढ़ किलोमीटर तक सर्विस लेन का निर्माण नहीं होगा। डीपीआर के अनुसार ही सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण जा रहा है। इसमें कोई संशय नहीं है। किसी को बेवजह परेशान होने की जरूरत है। सब कुछ स्पष्ट है। नियम के मुताबिक सभी काम कराया जा रहा है।
-शांभवी तिवारी, सहायक अभियंता, एनएचआईए