महराजगंज। गड़ौरा चीनी मिल में श्रम कानूनों के उल्लंघन और कर्मचारियों के बकाया भुगतान के मामले में शुक्रवार को श्रम प्रवर्तन विभाग की सुनवाई बेनतीजा रही। दूसरी नोटिस के बावजूद मिल प्रबंधन का कोई अधिकृत प्रतिनिधि पक्ष रखने नहीं पहुंचा। इसके बाद भी विभाग ने कार्रवाई करने के बजाय प्रबंधन को 26 अक्तूबर तक का एक और मौका दे दिया।
इसको लेकर सुनवाई के दौरान पूर्वांचल चीनी मिल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा और श्रम प्रवर्तन अधिकारी के बीच तीखी बहस हुई। नाराज यूनियन ने अब आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। यूनियन का आरोप है कि मिल प्रबंधन वर्ष 2012 से करीब 250 कर्मचारियों के वेतन, पीएफ, ग्रेच्युटी, बोनस और अन्य मदों के लगभग 22 करोड़ रुपये दबाए बैठा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी अंतिम भुगतान लंबित है। कई कर्मचारी और उनके परिजन वर्षों से मिल प्रबंधन और श्रम विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
कार्रवाई तक सीमित नोटिस
यूनियन अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा ने कहा कि 14 वर्षों से शिकायतें की जा रही हैं लेकिन विभाग की कार्रवाई नोटिस तक सीमित है। जनवरी 2026 में एसडीएम निचलौल की मौजूदगी में हुए समझौते का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि 15 अक्तूबर को आंदोलन को लेकर औपचारिक नोटिस दिया जाएग। इसके बाद धरना और घेराव किया जाएगा।
बोले अधिकारी
मिल पर बकाया देनदारी और समझौते का अनुपालन नहीं होने की शिकायत पर दो बार नोटिस जारी किया गया है लेकिन प्रबंधन की ओर से जवाब नहीं मिला। अगली समयसीमा 26 अक्तूबर निर्धारित की गई है।
- गणेश सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी