मरचहवा टोले में बुधवार को किसानों पर हमले के बाद तेंदुआ डूडी नाले में छिप गया था। वन कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन तेंदुए का पता नहीं लगा पाए। शाम में छह बजे डीएफओ पुष्प कुमार कांधला मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया। रात 11 बजे तक तेंदुए की तलाश होती रही, लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। एसडीएम दिनेश मिश्रा ने बताया कि वन कर्मियों की टीम तेंदुए की तलाश में लगी हुई है। उन्होंने गांव के लोगों से सचेत रहने और घर से अकेले न निकलने की अपील की है।
खेत में काम करने नहीं पहुंचे किसान
महराजगंज। किसानों पर तेंदुए के हमले के बाद मचरहवा टोले में बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसरा रहा। लोग अपने घर में दुबके रहे। किसान भी खेत में काम करने नहीं गए। टोला निवासी आलमगीर ने बताया कि घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है। किसान नर्वदा दूबे, अर्जुन ने कहा कि खेत की तरफ जाने की हिम्मत नहीं हो रही है। पता नहीं कब तेंदुआ हमला कर दे।
चार घायलों को मिली छुट्टी, दो का चल रहा इलाज
मरचहवा टोले में बुधवार दोपहर तेंदुए के हमले में घायल छह किसानों में चार बृहस्पतिवार को अस्पताल से घर चले आए, जबकि दो का इलाज चल रहा है। उनकी सेहत ठीक है। तेंदुए के हमले में घायल फुरतल्ली और बरखु जिला अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उधर, रतनपुर सीएचसी में भर्ती मुन्नर, साधु सहानी, खुशलैन निशा, रंजीत को छुट्टी मिल गई है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अखिलेश यादव ने बताया कि घायलों को जरूरी दवा की गई है। कुछ दिन दवा खाने और मरहम पट्टी कराने के बाद घाव भर जाएंगे। अस्पताल से लौटने के बाद घर पर आराम कर रहे साधु ने कहा कि जान बच गई यही बहुत है। घाव तो भर जाएंगे। उधर, गांव पहुंचे कानूनगो रसीद खां तथा लेखपाल अनुराग कुमार ने घायल साधु सहानी व अन्य से जानकारी ली।