महराजगंज। मौजूदा परिवेश में बेटियां किसी मामले में बेटों से पीछे नहीं हैं। निचलौल के जगदौर की एक ऐसी ही बेटी हैं जिसके पिता पल्लेदारी करते हैं लेकिन बेटी ने वेटलिफ्टिंग में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है।
फरवरी 2025 में राजस्थान में हुए राष्ट्रीय स्पर्धा में रोमा ने यह कीर्तिमान हासिल किया। इस समय वह दिल्ली रहकर जापान में नवंबर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में कर रही है।
रोमा निचलौल के जगदौर ग्राम पंचायत टोला बरगदही की रहने वाली है और माता-पिता की छह संतानों में चौथे नंबर की है। महराजगंज पीजी कॉलेज में स्नातक द्वितीय वर्ष की प्राइवेट शिक्षा ग्रहण करने के साथ दिल्ली के द्रोणाचार्य नेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी में मुकेश गहलोत के निर्देशन में वहीं हास्टल में रहकर वेट लिफ्टिंग के अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा की तैयारी कर रही है।
पहले कबड्डी के प्रति था रुझान : रोमा ने बताया कि पहले उसका रुझान कबड्डी के प्रति था। स्कूल फेडरेशन आफ इंडिया की 2019 में हरियाणा में हुई राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में उसने दूसरा स्थान भी प्राप्त किया था। इस प्रतियोगिता के दौरान ही उसकी मुलाकात गहलोत सर से हुई। उन्होंने कबड्डी छोड़कर वेट लिफ्टिंग में कॅरिअर बनाने का सुझाव दिया।
रोमा कहती हैं कि पहले तो मैंने इसपर ध्यान नहीं दिया और प्रतियोगिता के बाद लौट आई। कोरोना महामारी के दौरान सब कुछ बंद रहा। लेकिन इस दौरान भी गहलोत सर मेरे पापा के नंबर पर फोन कर मुझसे कभी-कभी बात जरूर करते थे। 2022 में उन्होंने मुझे अपनी एकेडमी में आने का निमंत्रण देकर प्रशिक्षण का ऑफर दिया। एकेडमी में मुझे रोज चार घंटे कबड्डी के दांव पेंच बालिकाओं को सिखाना था। भविष्य की सोचकर घरवालों ने भी सहमति दे दी और मैं द्रोणाचार्य एकेडमी पहुंच गई। यहां पर गुरुजी ने मुझे वेट लिफ्टिंग का प्रशिक्षण देना शुरू किया।