बस स्टेशन के पास ठंड से बचने के लिए अलाव के पास बैठे लोग।
महराजगंज। गलन भरी सर्दी लगातार अपने उत्कर्ष की तरफ बढ़ती जा रही है। गलन भरी ठंड शरीर की धमनियों में खून जमा रहा है। इससे लोगों के हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे हैं। अलाव की आंच से गर्माहट लेकर लोग शरीर को इस स्थिति से उबारने की जद्दोजहद करने को मजबूर हैं।
तराई में लुढ़कते पारे ने ठंड में जबरदस्त इजाफा किया है। घना कोहरा व शून्य दृश्यता के कारण यात्रा में दुश्वारियां बढ़ गई हैं। तेज पछुआ और कोहरे का घनत्व शीतलहर में इजाफा कर रहा वहीं टपकती बूंदें बारिश होने जैसा एहसास करा रही हैं। सोमवार को घने कोहरे के बीच सात किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ ने अधिकतम तापमान को गिराकर 17 डिग्री पहुंचा दिया। वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सड़क पर निकलने वाले तमाम ऊनी कपड़ों व जैकेट व दस्तानों के बाद भी कांपते दिखे। घर के भीतर बिना अलाव का सहारा लिए लोग बैठने का साहस नहीं जुटा सके।
पूरे दिन जहां सर्दी का सितम लोगों की दुश्वारी बढ़ाता रहा। धूप न खिलने के कारण हवा बर्फ उड़ाती हुई महसूस की गई। मौसम विभाग की माने तो अगले दो दिन किसी तरह की राहत मिलने की संभावना नहीं है और सर्दी के साथ शीतलहर का प्रकोप बना रहेगा।