दोनों पर्ची में दवा, पल्स रेट से लेकर जांच रिपोर्ट में मेल नहीं
जांच से पहले मिटा दिए पैथोलॉजी सेंटर के संचालन के सारे सबूत
नौतनवा। खनुआ तिराहा के निकट तहसील रोड पर स्थित सरकारी डॉ. अमित कुमार चौधरी के अनन्या हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार की दोपहर जांच टीम पहुंची और मौके का जायजा लिया। टीम ने आरोपी डॉक्टर और मृतक विनोद के परिजन के बयान दर्ज किए और हॉस्पिटल का निरीक्षण भी किया।
सीएमओ द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम में से अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज लाल कन्नौजिया अन्नया अस्पताल पहुंचे और मौके की जांच की। हॉस्पिटल में जांच टीम को पैथोलॉजी सेंटर के संचालित होने का कोई सबूत नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार इसकी तैयारी पहले की कर ली गई थी।
इसके अलावा जांच के दौरान अस्पताल द्वारा जारी मृतक विनोद की दो अलग-अलग पर्चियां सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर दोनों पर्चियां वायरल हो रही हैं। एक ही मरीज की दो अलग-अलग पर्चियों में दवा, पल्स और खून जांच के रिपोर्ट भी आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। पहली पर्ची मरीज के मौत के पहले और दूसरी पर्ची उसके बाद की प्रतीत हो रही है। दूसरी पर्ची में मरीज को रेफर करने का समय बाद में दर्ज किया गया है। जबकि पहली में इसका जिक्र नहीं है।
जांच में अस्पताल पहुंचे अधिकारियों ने सिद्धार्थनगर के सरकारी डॉ. अमित कुमार चौधरी और कुछ अन्य कर्मचारियों का बयान दर्ज किया। वहीं प्रपत्रों की जांच में मेडिकल स्टोर संचालन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं मिले। साथ ही अस्पताल में कार्यरत डॉ. कृष्णा वर्मा के भारतीय क्षेत्र में प्रैक्टिस किए जाने संबंधी कोई सबूत नहीं मिला। जिसकी विस्तृत जांच कराने की बात कही गई।
इसके बाद अधिकारी मधुबन नगर वार्ड निवासी विनोद के परिजन का बयान दर्ज करने उनके घर पहुंचे। टीम के सदस्यों ने परिजन का बयान दर्ज किया।
कार्रवाई के लिए सीएमओ सिद्धार्थनगर को लिखा जाएगा पत्र
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या का कहना है कि अस्पताल की जांच में पैथोलॉजी नहीं मिली है। मेडिकल स्टोर की जांच उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, इसके लिए औषधि निरीक्षक को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही निजी अस्पताल के संचालन के संबंध में सरकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार चौधरी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ सिद्धार्थनगर को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि मृतक विनोद के परिजन सरकारी मुआवजा चाहते हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ महराजगंज के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। संवाद