फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधान परिवार के हमले से शिक्षक लामबंद

Tue, 26 Apr 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
विज्ञापन
डीएम से मिलकर शिक्षक संघ ने प्रधान के पति पर कार्रवाई की मांग की। - फोटो : विनोद गुप्ता
विज्ञापन
प्ग्राम प्रधान के पति और सहायक अध्यापक के बीच मारपीट का मामला और गरमा गया है। सोमवार को कई शिक्षक संगठनों ने प्रधान के पति पर कार्रवाई की मांग की है।  राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक सोमवार को कैंप कार्यालय में हुई। जिसमें फरेंदा ब्लॉक के अध्यापक के साथ मारपीट की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष भागवत सिंह ने कहा कि शिक्षक सुभाष पांडेय के साथ प्रधान के पति व समर्थकों ने मारपीट की। अभिलेखों को फाड़ दिया। जान से मारने की धमकी भी दी। अध्यापक पर गांव के दलित बालिका को मारने पीटने का आरोप लगाया जा रहा है, जो गलत है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हाजी मोहम्मद यासीन ने डीएम व एसपी को ज्ञापन दिया है। उन्होंने शिक्षक को पीटने वाले प्रधान के पति सहित अन्य समर्थकों पर कार्रवाई की मांग की है। सत्येन्द्र कुमार मिश्र, बैजनाथ सिंह, वीरेन्द्र सिंह, राघवेन्द्र के अलावा तमाम शिक्षक उपस्थित रहे। ऑल टीचर्स इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के जिला संरक्षक व जिला संयोजक के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल बीएसए से मिला तथा ज्ञापन दिया। जिला संयोजक अनिल कुमार व जिला संरक्षक श्रवण चौरसिया ने संयुक्त रूप से बताया कि शिक्षक को पीटने औ अभिलेखों को फाड़ने पर कार्रवाई होनी चाहिए। बीएसए से मांग की है कि ऐसी घटना भविष्य में न हो इसके लिए अपने स्तर से विभागीय पत्र निर्गत करें।

विजय यादव, विजय गुप्ता, रोशन गुप्ता, भूपेन्द्र के अलावा तमाम शिक्षक उपस्थित रहे। अनुसूचित जाति, जनजाति बेसिक शिक्षक आदर्श समिति की बैठक पड़नी विद्यालय में हुई। शिक्षक सुभाष पांडेय के साथ हुई अभद्रता एवं मारपीट की निंदा की गई। दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ब्रह्मानन्द गौतम, राजेश धारिया, निदेश कुमार, प्रेम चन्द के अलावा तमाम शिक्षकों ने निंदा की। प्राथमिक शिक्षक संघ के लोग डीएम से मिले। संयोजक शैलेश शर्मा ने बताया कि सुभाष पांडेय पर 23 अप्रैल को मिड डे मील के चेक काटने के संबंध में ग्राम प्रधान के पति ने प्राणघातक हमला किया था।  तहरीर के मुताबिक मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया। दोबारा केस दर्ज किया जाए।
विज्ञापन


सह संयोजक बलराम निगम ने बताया कि अगर पीड़ित शिक्षक को न्याय नहीं मिलता है तो प्राथमिक शिक्षक संघ बड़ा आंदोलन करने को  बाध्य होगा। डीएम ने शिक्षक की सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल स्थानांतरण के लिए बीएसए को निर्देशित किया। शिक्षक की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्मान का पूरा ध्यान देने की बात कहीं। बीएसए द्वारा बिना स्पष्टीकरण निलंबन, सत्यापन के बाद भी वेतन भुगतान न करने तथा वित्त एवं  लेखाधिकारी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायत की गयी। डीएम ने कहा कि जांच टीम गठित कर दी गयी।  जिस भी शिक्षक को शिकायत दर्ज करानी हो। अपना बयान डीएम न्यायालय कक्ष में  26 अप्रैल को 11 बजे दर्ज करा सकता है। वीरेन्द्र यादव, अंब्रीश शुक्ल, विनय पाठक, जगदीश आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें