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Maharajganj News: धंधेबाजों का खेल...महंगे रेट पर गेहूं खरीद कर रहे भंडारण

Fri, 11 Apr 2025 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। नेपाल में गेहूं बेचकर धंधेबाज मालामाल हो रहे हैं। इसके अलावा बिहार भी गेहूं भेजा जा रहा है। 2500 रुपये में खरीदकर 3200 से 3500 रुपये की दर से नेपाल में बिक्री की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, नौतनवा कस्बे में प्रशासन की ओर से छापा में गेहूं बरामद हुआ था। इसका प्रपत्र कारोबारी नहीं दिखा सका था। इसे लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि गांव में किसानों से गेहूं खरीद कर स्टोर किया गया था। इसे नेपाल भेजने की व्यवस्था थी, लेकिन छापा मारी में धंधेबाजों की पोल खुल गई।
सूत्रों की माने तो साइकिल और बाइक के अलावा पिकअप से गेहूं की बोरियां नेपाल पहुंचाई जा रही हैं। गेहूं तस्करी का मुख्य कारण यह है कि भारत में सरकार ने गेहूं के निर्यात पर बीते एक वर्ष से रोक लगा रखा है। भारतीय क्षेत्र के खुले बाजार में गेहूं 2200 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। जबकि नेपाल में 3200 से 3500 रुपया प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकता है। इसी कारण 700-1000 फायदा के कारण भारत का गेहूं नेपाल जा रहा है।
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तस्करी में साइकिल, बाइक सहित पिकअप ट्रैक्टर-ट्राॅली का भी उपयोग किया जाता है। इन दिनों सोनौली, कोल्हुई, परसामलिक क्षेत्र से सटी पगडंडियों के रास्ते नेपाल सीमा पर गेहूं की तस्करी जोरों पर है। सीमा से सटे विभिन्न गांव में पहले किसानों के पास खरीदी गईं गेहूं की बोरियों को रख दिया जाता है। फिर उसे नेपाल भेजा जाता है। इस प्रकार रोजाना सैकड़ों बोरी गेहूं भारत से नेपाल जा रहा है।
कम समय, कम रिस्क और छोटी पूंजी से अधिक मुनाफा के चलते पगडंडियों के रास्ते सीमा तक दर्जनों कैरियर गेहूं ढोने के काम में लगे हैं। विभिन्न जगहों से पहले गेहूं की खरीददारी कर उसे नेपाल सीमा से सटे गांव में निश्चित ठिकाने पर पहले स्टाक किया जाता है। फिर एक-दो बोरी कर नेपाल भेज दिया जाता है।
सूत्रों की मानें तो 15 से 20 बाइक से कैरियर रोज ढुलाई करते हैं। क्षेत्र के श्यामकाट, सियरहिया, लक्ष्मीनगर, भगवानपुर, मदरी, निपानिया, खनुवा, फरेनियां, डाली, कोल्हुई थाना क्षेत्र के जोगियाबारी, नौतनवा सुंडी, छपवा, सम्पतिहा, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी, झुलनीपुर, लक्ष्मीनगर के रास्ते नेपाल सीमा पर तस्करी जोरों पर है।
धंधेबाज गांव-गांव भ्रमण कर गेहूं की खरीदारी किसानों से करते हैं। किसान नरेंद्र ने बताया कि सरकारी से ज्यादा रेट भी मिल रहा है। तुरंत भुगतान भी हो जाता है। इसमें कोई परेशानी नहीं है। ऐसे में 20 क्विंटल गेहूं बेच दिया। किसान धर्मराज ने बताया कि गांव में गेहूं की बिक्री हो जा रही है। इसमें कोई परेशानी नहीं हो रही है। पांच क्विंटल गेहूं बेचा तो नकद मिल गया। इससे जरूरी काम पूरी किया।
सीमावर्ती गांव में बनाया गया है अवैध गोदाम
भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र में अधिकांश गांवों में तस्करों ने अवैध गोदाम बना रखा है। भारतीय बाजारों से गेहूं खरीदकर सीमावर्ती गांवों में स्टोर कर लेते हैं। बाद में कैरियर की मदद से यह सामान नेपाल सीमा में पहुंचा देते हैं। सीमा पार सामान पहुंचाने के लिए तस्कर छोटे मालवाहकों का इस्तेमाल करते हैं। बताते हैं कि नेपाल व भारतीय क्षेत्र के कुछ बड़े कारोबारी भी तस्करों से मिले हैं। तस्करों के नेटवर्क से जुड़े कारोबारी सामान की खरीदारी कर सीमावर्ती गांवों में बनाए गए तस्करों के अवैध गोदाम तक पहुंचाते हैं।
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सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
-आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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