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Maharajganj News: मौसम के उतार-चढ़ाव ने बढ़ाए वायरल संक्रमण के मरीज

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जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़ 
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मंगलवार को ओपीडी में 942 मरीजों का हुआ इलाज
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वायरल संक्रमण के प्रभाव से बीमार हो रहे मरीज
एक सप्ताह पहले रोजाना 50 से 60 थे वायरल संक्रमण के मरीज अब आ रहे 80-100 तक
महराजगंज। मौसम के मिजाज में लगातार हो रहे बदलाव से जिला अस्पताल की ओपीडी में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। ठंड और गर्मी के बीच अचानक उतार-चढ़ाव के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में वायरल संक्रमण बच्चों के साथ ही अन्य लोगों को बीमार कर रहा है।
अधिकांश मरीज वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। फिजिशियन कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी रहती है और डॉक्टर निरंतर जांच एवं इलाज में जुटे हुए हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 942 मरीजों की जांच की गई। डॉक्टरों ने सभी मरीजों को उचित परामर्श देकर आवश्यक दवाएं दीं। सुबह से ही पर्ची काउंटर पर मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी कतारें लगी रही। पर्ची कटवाने के लिए लोगों को काफी सांसत झेलनी पड़ रही है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर पवन कुमार ने बताया कि इन दिनों मौसम में हो रहे परिवर्तन के कारण वायरल संक्रमण की समस्या बढ़ रही है। दिन में गर्मी और रात में ठंडका फर्क लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर रहा है। इससे वायरल फीवर, श्वसन संबंधी संक्रमण और पेट की दिक्कतें तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह पहले रोजाना 50-60 ऐसे मरीज आ रहे थे लेकिन अब यह संख्या 80-100 तक पहुंच गई है। अधिकांश लोग सर्दी-खांसी-बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।



डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के इस बदलते स्वरूप में सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि ठंडे-पानी और बाहर का खाना अवॉइड करें। घर का पका हुआ ताजा भोजन लें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए क्योंकि वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। अगर बुखार, खांसी या दस्त जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देर करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि पर्ची काउंटर पर कतारें लंबी हैं, जिससे लोगों को सुबह से शाम तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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