महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के मामले में हर रोज नया मोड़ आ रहा है। वैसे पुलिस की ओर से तथ्यों की जांच की जा रही है।
मृत बेटी के जिंदा होने का दावा करने वाले पिता ने बताया कि झाड़ फूंक करने वाले एक शख्स ने फोन पर सूचना देकर बेटी को बगहा बिहार में होने की जानकारी दी तो मौके पर पहुंचा। इसके बाद बेटी को लेकर घर आया।
पीडिता के पिता ने बताया कि जेल जाने के बाद घर गृहस्थी ही तबाह हो गई। जो गुनाह मैने किया नहीं, उसके आरोप में जेल गया था। अब तो प्रकरण में न्याय मिलना चाहिए। उसने बताया कि घर पर झाड़ फूंक करने वाला एक शख्स आया था।
उसने मेरे बेटे से नंबर लिया और 15 दिन पहले मुझे फोन कर बताया कि आप की बेटी बगहा में है। हिमाचल में रहकर मैं काम कर रहा था। यह जानने के बाद वहां से सीधे घर आया और बगहा पहुंचा तो बेटी वहां मिली। न्यायालय में आवेदन दिया हूं। उन्होंने कहा कि न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। कसूरवारों को एक दिन सजा जरूर मिलेगी।
मुझे बगहा रेलवे स्टेशन पर छोड़ गया था : अपने आप को जिंदा बताने वाली पीड़िता ने बताया कि गांव में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के घर कार्य करती थी। उनकी पत्नी बीमार थीं। उन्हीं की सेवा करती थीं। वहां मन नहीं लगा तो अपने घर पर आ गई। यह बात उन लोगों को नागवार लगी। उनका बेटा रात को घर आया और बुलाकर ले गया। जब उनके घर गई तो मुझसे पूछा गया की क्यों घर चली गई। मैं कुछ बोलती इसके पहले ही मारापीटा जाने लगा।
मेरी बात किसी ने नहीं सुनी। पीड़िता ने बताया कि उसी रात कार में बैठाकर बगल के गांव में एक महिला के घर ले जाया गया। उस महिला को भी उन लोगों ने साथ में लिया और सीधे बिहार के बगहा लेकर चले गए। वहीं स्टेशन पर छोड़ कर लोग चले गए। मैं रो रहीं थी। इस बीच एक महिला मिली। उसे पूरी कहानी बताई। वह अपने साथ मुझे अपने घर ले जाकर भोजन कराई। वहीं पर रहने लगी। बाद में उस महिला के भाई से शादी कर ली।
उधर, मेरे घर पर क्या हो रहा था, इसकी जानकारी नहीं थी। मुझे यह भी नहीं पता था कि मुझे मृत घोषित कर दिया गया है। अभी 15 दिन पहले पिता बगहा आकर मुझसे मिले और घर लेकर आए। मेरी एक माह की बच्ची है।
जहां मैं रह रही हूं। वहां कोई परेशानी नहीं है। इस प्रकरण में मेरे भाई व पिता को मुकदमे से बरी किया जाय। जो लोग फंसाए हैं, उनको सजा मिलनी चाहिए।
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