कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम से संबोधित डीएम को ज्ञापन दिया। कर्मचारी दो दिन से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे।
कलेक्ट्रेट कर्मचारी श्रीनाथधर दूबे ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि जनपद मुख्यालय स्तर पर कलेक्ट्रेट का नाम कार्यालय डीएम के स्थान पर मिनी जनपद सचिवालय रखा जाए। कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण एवं संशोधन संबंधित शासनादेश 31 मई 2013 एवं उत्तर प्रदेश सरकारी निगम लिपिक संवर्ग सेवा नियमावली 2014 द्वारा प्रख्यापित नीति, पदोन्नति की प्रक्रिया में पोषक पद पर निर्धारित अवधि की सेवा पूर्ण करने की बाध्यता समाप्त किया जाए।
उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट में लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतनमान दिया जाए। नवसृजित जनपदों एवं तहसीलों में उत्तर प्रदेश जिला कार्यालय कलेक्ट्रेट लिपिक वर्ग सेवा द्वितीय संशोधन नियमावली 2011 द्वारा प्रख्यापित पदों का सृजन किया जाए। प्रदेश के 21 नवसृजित जनपदों में ज्येष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नवसृजित तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित किया जाए समेत 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। इस दौरान जगत प्रसाद त्रिपाठी, रवीन्द्र प्रताप श्रीवास्तव, तेज प्रताप मिश्रा, सुनीता पटेल, मालती श्रीवास्तव समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।