घटना को याद कर ये बच्चे सिहर जाते हैं।
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धमाके की गूंज निसार के जेहन में अब भी गूंज रही
फरेंदा (महराजगंज)। धानी ढाला के निसार अहमद की जिंदगी में 13 जून का दिन जीवन भर के लिए गम दे गया। रसाई गैस सिलिंडर के धमाके से पूरा परिवार तबाह हो गया। धमाके में पिता, भाई, पत्नी व एक रिश्तेदार के साथ कलेजे के टुकड़े को खोने से परेशान हैं।
फरेंदा क्षेत्र के धानी ढाला निवासी 40 वर्षीय निसार अहमद के घर 13 जून का मंजर कभी न भूलने वाला सुबह साबित हुआ। रविवार सुबह लोगों नींद पूरी नहीं हो पाई थी कि रसोई गैस सिलिंडर में आग लगने से अफरातफरी मच गई। घर की महिलाएं आग-आग की शोर मचा रही थीं। आवाज सुनकर निसार भी आग बुझाने दौड़े, लेकिन नाकाम रहे। दो मिनट के अंदर गैस सिलिंडर में धमाका हो गया। कीचन के बगल के कमरे में भाई जावेद (28) व मासूम अलमास (5) सो रहा था। शोर सुनकर पहुंचे पिता जमील अहमद (60) के साथ दो महिलाएं इमराना (35) व रिश्तेदार फातिमा (30) गंभीर रूप से झुलस गईं। धमाके से मकान की दीवारों दरार पड़ गई। लोहे के दरवाजे टूट गए। इलाज के दौरान पिता, भाई, बेटा व पत्नी व रिश्तेदार की मौत से निसार अहमद कुछ बोलते समय गमगीन हो जा रहे हैं। अस्पताल से निकल कर अभी घर नहीं गए हैं। भैया फरेंदा में रिश्तेदार के घर रहकर इलाज करा रहे हैं। निसार ने बताया कि गैस सिलिंडर धमाके ने पूरा जीवन तबाह कर दिया। परिवार को खोने का दर्द कभी नहीं भूलेगा। पांच संतानों में एक को खो दिया। कुदरत की मेहरबानी रही कि पुत्र माज अहमद (10), सोमैया (8), सारा खातून (6) व इरम (4) दादी के साथ घटना के थोड़ी देर पहले ऊपरी मंजिल पर चले गए थे। चारों बच्चे भी घटना से सदमे में हैं। मासूमो के आंखों में बेबसी व लाचारी साफ दिख रही है। ह्दय विदारक घटना को सोच कर सभी दहशत में हैं।