जोगिया पीएचसी में जमीन चिह्नित कर स्वास्थ्य विभाग से शासन ने मांगा प्रस्ताव
परतावल और निचलौल में 30-30 बेड और जिला अस्पताल में 100 बेड का मातृ-शिशु अस्पताल है संचालित
महराजगंज। जल्द ही घुघली में जिले का तीसरा महिला अस्पताल खुल जाएगा। शासन ने जोगिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में जमीन चिह्नित कर स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव मांगा है। अस्पताल में 30 बेड का वार्ड होगा।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में जिले में परतावल और निचलौल में 30-30 बेड का महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में 100 बेड का मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच विंग) संचालित हैं। इन अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, चिकित्सकीय परामर्श और प्रसव की सुविधा मिल रही है।
घुघली में तीसरा महिला अस्पताल खुल जाने से महिला स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि विभाग की ओर से जमीन का जरूरी प्रारूप तैयार कराकर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस महिला अस्पताल के शुरू होने के बाद घुघली क्षेत्र और आसपास की गर्भवती महिलाओं को प्रसव से जुड़ी जांच, इलाज और प्रसव की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।
तीन मंजिला भवन में होंगी आधुनिक सुविधाएं
करीब दो हजार वर्ग फीट में प्रस्तावित महिला अस्पताल को तीन मंजिल का होगा। भवन में मरीजों के भर्ती होने के लिए अलग 30 बेड का इंडोर वार्ड, चिकित्सक कक्ष, ओपीडी, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और लैब व अल्ट्रासाउंड एवं एक्सरे जांच सेंटर होगा। अस्पताल में महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच और इलाज से लेकर प्रसव तक की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी। साथ ही यहां पर बीएसयू (ब्लड स्टोरेज यूनिट) की सुविधा होगी। ताकि एनिमिक या फिर सीवियर एनिमिक वाली गर्भवती महिलाओं को मौके पर ही खून उपलब्ध कराया जा सके।
बच्चों के लिए बनेगा आठ बेड का एसएनसीयू
प्रस्तावित महिला अस्पताल में नवजात बच्चों की देखभाल के लिए आठ बेड का स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) भी बनाया जाएगा। इससे जन्म के बाद गंभीर या विशेष निगरानी की जरूरत वाले नवजात बच्चों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। अभी ऐसे मामलों में कई बार बच्चों को दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
वर्जन
घुघली में 30 बेड के महिला अस्पताल के लिए जोगिया पीएचसी परिसर में जमीन चिह्नित की गई है। जेई से जमीन का आवश्यक प्रारूप तैयार कराया जा रहा है। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। अस्पताल बनने से क्षेत्र की महिलाओं और नवजात बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
- डॉ. राजेश द्विवेदी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी महराजगंज