6 दिसंबर थी तिथि, अब 5 जून 2026 तक किया गया विस्तार
जनपद में पंजीकृत हो चुकी हैं 301 सुन्नी बोर्ड की संपत्ति
महराजगंज। वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड ऑनलाइन उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पंजीकरण की नई समय सीमा 5 जून 2026 तय कर दी गई है। लेकिन जनपद में पंजीकरण की बात करें तो प्रदर्शन अव्वल है। कुल 301 संपत्तियों को विभाग अप्रूवल के बाद पंजीकृत कर चुका है। दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे पर गाजीपुर जनपद है।
जिले की वक्फ संपत्तियों को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग शासन के निर्देश पर पंजीकृत कर रहा है। इसके लिए तय समय 06 जून 2025 थी लेकिन अब प्रदेश वक्फ ट्रिब्यूनल ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय-सीमा को बढ़ाकर अब 5 जून 2026 कर दिया है। हालांकि अब तक जनपद ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 301 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण पूरा कर लिया है। समय सीमा बढ़ने पर अब शेष संपत्तियां जो छूटी हुई हैं उन्हें भी तलाश कर विभाग न सिर्फ पंजीकृत करा सकेगा बल्कि जो संपत्तियां पंजीकृत हो गई हैं उनके जरूरी दस्तावेज भी विभाग प्राप्त कर अपलोड कर सकेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, उम्मीद पोर्टल पंजीकरण से वक्फ संपत्तियों के कानूनी सुरक्षा का दायरा बढ़ जाएगा। पंजीकृत संपत्तियों में किसी तरह का हेरफेर नहीं हो सकेगा। भविष्य में प्रशासनिक सुगमता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
वर्जन
उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण दस्तावेज के आधार पर किया जा रहा है। पंजीकरण से पहले सभी दस्तावेज व मिल्कियत पत्र (खसरा खतौनी) अपलोड किया जाता है। इसे बोर्ड चेकर जांच कर अप्रूवल देते हैं। उसके बाद यह पंजीकृत की जाती हैं। जनपद में सुन्नी वक्फ बोर्ड की 301 संपत्तियां पंजीकृत की जा चुकी हैं। समय सीमा बढ़ने से छूटी संपत्तियों को भी तलाशकर पंजीकृत किया जा सकेगा।
-तन्मय पांडेय, डीएमओ