महराजगंज। जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। सोमवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने निचलौल तहसील क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने इटहिया मंदिर, दर्जिनिया ताल, टेलफाल और रामचन्द्रही स्थित निर्माणाधीन इको-टूरिज्म परियोजना का जायजा लेते हुए पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के विकास और पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने इटहिया मंदिर में पूजा-अर्चना से की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने उपजिलाधिकारी निचलौल को मंदिर परिसर में पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक भूमि क्रय का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम दर्जिनिया ताल पहुंचे, जहां उन्होंने ताल के क्षेत्रफल, वहां मौजूद मगरमच्छों की संख्या और प्रतिवर्ष आने वाले पर्यटकों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दर्जिनिया ताल को इको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि का शीघ्र चिह्नांकन करने को कहा।
वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत शामिल ग्राम भेड़िहारी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण स्टेडियम का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन के साथ खेल और आधारभूत सुविधाओं का विकास स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही वाइब्रेंट विलेज योजना में पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने दर्जिनिया ताल से नारायणी नदी के टेलफाल तक संपर्क मार्ग के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सड़क निर्माण, सोलर लाइट, हाईमास्ट, यात्री शेड और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं के विकास का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही टेलफाल के सुंदरीकरण, सुरक्षित भ्रमण व्यवस्था और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के अंतिम चरण में डीएम रामचन्द्रही स्थित निर्माणाधीन इको-टूरिज्म परियोजना पहुंचे। यहां निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था को फटकार लगाते हुए दिसंबर तक परियोजना हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि महराजगंज प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और जैव विविधता से समृद्ध जनपद है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यदि प्रमुख स्थलों पर उच्च गुणवत्ता की आधारभूत सुविधाएं विकसित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जाए तो देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आकर्षित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा जनपद की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, अधिशासी अभियंता प्रवीण भारती, क्षेत्रीय वनाधिकारी सुनील कुमार राव तथा राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।