अरनहवा से पूर्व माध्यमिक विद्यालय दरहटा में हुआ मर्ज।
महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देशन में अबतक जिले के 165 स्कूलों का विलय निकट के स्कूलों में पूर्ण हो चुका है। कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जिन्हें दूर बताकर बच्चे पढ़ने ही नहीं जा रहे हैं।
अभिभावकों के मुताबिक जिन स्कूलों में 50 से कम नामांकन था उन्हे मर्ज करना था, लेकिन ऐसे भी स्कूल मर्ज कर दिए गए जहां 50 बच्चों का नामांकन था। इतना ही नहीं दो से 2.50 किमी की दूरी ने छोटे बच्चों की मुश्किल बढ़ा दी।
शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के साथ संसाधनों का उपयोग कराने के लिहाज से कम नामांकन वाले स्कूलों को निकटतम परिषदीय स्कूल में मर्ज कराने के लिए जनपद में 265 स्कूलों को चिह्नित किया गया और 165 स्कूलों को आसपास के स्कूलों में मर्ज करा दिया गया है।
अभिभावकों के मुताबिक बच्चे दूरी कारण बता रहे। छोटे बच्चे दो से ढाई किमी दूरी तक जाने व आने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं। प्राथमिक स्कूल मेंहदिया का विलय भुजौली में किया गया है। नामांकन की बात करें तो यहां 50 बच्चों का नामांकन था। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक कहते हैं कि आदेश था कि 50 से कम नामांकन वाले स्कूलों का विलय होना था। स्कूल 2.50 किमी दूर भुजौली में विलय कर दिया गया।
दूरी के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। इसी तरह प्राथमिक सोनकटिया में 20 नामांकन था, जिसे बहदुरीभंजन में मर्ज किया गया। यूपीएस अरनहवा को दरहटा में मर्ज किया गया, जिसमें 16 नामांकन थे। यूपीएस हथियहवा में 40 नामांकन था जिसे नौतनवां में मर्ज किया गया।
सूर्यपुरवा को कंपोजिट नौतनवा में तो राजीटोला सिंहपुर का विलय डिगवा में विलय किया गया है, जहां के बच्चे दूरी के कारण स्कूल नहीं जा रहे हैं।विभाग के निर्देश के क्रम में कम नामांकन वाले स्कूलों को निकट के स्कूल में मर्ज कराया गया, जिससे सभी बच्चे सुविधा व संसाधन का लाभ ले सकें।