निचलौल। निचलौल ब्लॉक के बूढ़ाडीह कला गांव में लाखों रुपये की लागत से बना करीब 550 मीटर लंबा नाला पहली बरसात भी नहीं झेल सका। निर्माण के महज तीन महीने के भीतर नाला दर्जनों जगहों पर ढह गया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गांव में मार्कंडेय के घर से जवाहिर के घर तक मई-जून में नाला बनवाया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण के कुछ समय बाद ही इसकी खामियां सामने आने लगी थीं। हाल में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान नाले का पश्चिमी हिस्सा कई जगहों पर टूट गया। आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। कार्यस्थल पर योजना की लागत और अन्य विवरण बताने वाला बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। जिससे ग्रामीणों को परियोजना की वास्तविक लागत की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
नाले के सहारे टिकी शौचालय की दीवार
गांव निवासी कैलाशी देवी ने बताया कि उनके घर के सामने करीब तीन महीने पहले नाला बनाया गया था, जो पहली बरसात में ही टूट गया। इससे उनके शौचालय की दीवार नाले की ओर झुक गई है। दीवार को गिरने से बचाने के लिए लकड़ी का सहारा देना पड़ा है। घर के सामने नाले में पानी जमा होने से छोटे बच्चों के डूबने का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने बताया कि परिवार को हर समय अनहोनी की आशंका सताती रहती है।
विरोध के बावजूद नहीं सुधरी निर्माण की गुणवत्ता
ग्रामीण संतोष चौधरी ने बताया कि नाला निर्माण के दौरान ही घटिया सामग्री के इस्तेमाल का विरोध किया गया था, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। नतीजतन, बारिश में नाले की गुणवत्ता की पोल खुल गई।वहीं, ग्रामीण नईम ने आरोप लगाया कि निर्माण में मानकों की अनदेखी से सरकारी धन की बर्बादी हुई है। नाले के निर्माण के दौरान पहले से लगी पाइप को भी हटा दिया गया, जिससे किसानों का रास्ता बाधित हो गया है। इससे खेतों तक आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने नाले के निर्माण की जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। गांव के रामदयाल, राजू, आकाश, संतोष चौधरी, जवाहिर, सुरेश, कमलेश, बेनी माधो, नईम, अकबर, अनवर और मुर्तुजा ने नाराजगी जताई है।
बोले अधिकारी
मामले की जानकारी नहीं थी। योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि नाला टूटा है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी और कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
- संतोष कुमार यादव, खंड विकास अधिकारी, निचलौल