महराजगंज। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निचलौल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगी। इसके निर्माण पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है।
दूसरी ओर जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट का भवन तैयार हो चुका है। दो माह बाद इसे संचालित होने की उम्मीद है। बदल रहे महराजगंज में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी है। वर्तमान में जिला अस्पताल में परिसर में क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। अन्य जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में मरीजों को जल्द ही जिले में इलाज के लिए बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। इसके बनने के बाद मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) चार हजार वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में तीन मंजिला बनाया गया है। इसमें कुल 50 बेड होंगे। इस यूनिट में मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें अत्याधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की सुविधा होगी।
उधर, निचलौल में आधुनिक सुविधाओं से लैस 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट अस्पताल बनेगा। इस पर करीब 4 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए डीपीआर तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। बजट की स्वीकृति मिलते ही अस्पताल का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। वर्तमान में कुल 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
इसमें से 12 सीएचसी ब्लॉक स्तर के हैं। इन केंद्रों पर 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों को मेडिकल कॉलेज, पीजीआई या अन्य शहरों के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
अक्सर सड़क हादसों, आगजनी, गंभीर संक्रमण और हृदय संबंधी बीमारियों के शिकार मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता था, लेकिन कई मरीज आर्थिक तंगी के कारण बड़े अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ होते हैं। अब क्रिटिकल केयर यूनिट बनने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विशेष उपचार का लाभ मिल सकेगा।