नौतनवा। कस्बे के एक व्यक्ति की ओर से बिहार में लाखों का फर्जीवाड़ा करने पर मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस नौतनवा पहुंची। यहां अभियुक्त के घर के बाहर ताला लगा मिला। फोन पर वांछित आरोपित ने आत्मसमर्पण का चकमा देकर पुलिस को लौटा दिया। देर शाम तक यूपी और बिहार दो राज्यों की पुलिस उसका इंतजार ही करती रही।
जानकारी के मुताबिक बिहार प्रांत के जनपद मोतिहारी, पूर्वी चंपारण थाना बंजरिया निवासी संतोष कुमार ने करीब 7 वर्ष पूर्व महराजगंज जनपद के परसामलिक थाना क्षेत्र में स्थित एक राइस मिल में धान की बिक्री की थी। जिसके एवज में उन्हें 18 लाख रुपयों का भुगतान मिलना था।
आरोप था कि राइस मिल स्वामी मनीष उपाध्याय निवासी गांधी नगर थाना व कस्बा नौतनवा जनपद महराजगंज ने आनाकानी कर रुपये नहीं दिए थे। इसके बाद पीड़ित ने वर्ष 2019 में मनीष उपाध्याय के विरुद्ध बिहार के थाना बंजरिया में रुपयों के लेनदेन में फर्जीवाड़ा करने का केस दर्ज कराया था।
मामला बिहार के मोतिहारी जनपद स्थित न्यायालय में विचाराधीन था। प्रकरण में न्यायालय से आरोपित के विरुद्ध कुर्की का आदेश निर्गत हुआ। इसके अनुपालन में मंगलवार की दोपहर उक्त प्रकरण के विवेचक उपनिरीक्षक पंकज कुमार बिहार से नौतनवा पुलिस के साथ कस्बा स्थित अभियुक्त के घर पहुंचे। यहां घर के मुख्य द्वार पर ताला लगा देख उन्होंने अभियुक्त से फोन पर संपर्क साधा।
अभियुक्त ने 2 घंटे में आत्मसमर्पण करने की बात कहते हुए घर को कुर्क न करने की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस टीम नौतनवा थाने पर लौट गई और अभियुक्त का देर शाम तक इंतजार ही करती रही, लेकिन अभियुक्त नहीं आया। थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि बिहार पुलिस कुर्की की कार्रवाई के लिए नौतनवा में आई है। प्रक्रिया विचाराधीन है।