महराजगंज। उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए डीएम के निर्देश पर सभी ब्लॉकों में टीम तैनात कर दी गई है। जांच के लिए एडीओ कृषि एवं सहकारिता को जिम्मेदारी सौंप दी। सभी स्थानों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं, जो कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे जिला कृषि अधिकारी को सौंपेंगे।
जिले से उर्वरक लाइसेंस विक्रेताओं की मदद से नेपाल सीमा पार तक उर्वरक पहुंच रहे थे। नेपाल के मधेसी जिलों में भारत के उर्वरक, बीज व कीटनाशक के प्रयोग होने की बात कही। इसे देखकर कृषि विभाग ने जांच बढ़ाई, लेकिन अब डीएम ने स्वयं इस समस्या को देखते हुए जनपद के सभी ब्लाॅकों में एडीओ एजी को जांच पड़ताल के निर्देश दिए हैं।
साथ ही जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक, उपसंभागीय कृषि प्रसार निचलौल, नौतनवां, सहायक मत्स्य निदेशक, जिला कृषि रक्षा व भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक आयुक्त सहकारिता को विभिन्न ब्लाॅकों का नोडल बनाया गया है। सभी जिम्मेदारों को निर्देश हैं कि कार्रवाई की सूचना जिला कृषि अधिकारी को समय से दी जाए, जिससे डीएम कार्यालय को रिपोर्ट मिलती रहे।
उर्वरक की तस्करी, कालाबाजारी व अधिक मूल्य की बिक्री को लेकर जिलाधिकारी ने कृषि कर्मियों को लगाया है। नोडल के रूप में अन्य के पास भी अधिकार हैं। रिपोर्ट कार्यालय को मिलेगी जिसे डीएम कार्यालय प्रेषित किया जाएगा।
-वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी