टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संघ ने की बैठक
तीन मई को लखनऊ में आयोजित महारैली में लेंगे हिस्सा
सिद्धार्थनगर। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शैक्षिक संगठनों के साथ बुधवार को शहर के एक लॉज में बैठक की। पूर्व से कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चल रहे देशव्यापी शिक्षक आंदोलन पर विस्तृत चर्चा की गई तथा टीईटी लागू करने के विरोध में पोस्टकार्ड लिखे गए। बैठक में तय किया गया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 13 अप्रैल को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में 3 मई को सिद्धार्थनगर के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी लखनऊ में आयोजित आंदोलन की महारैली में हिस्सा लेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रथम चरण के कार्यक्रम में आप सभी की महती भूमिका है। जनपदीय मंत्री विजयेंद्र मिश्र ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में 13 अप्रैल को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में 3 मई को जनपद सिद्धार्थनगर के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी लखनऊ में आयोजित आंदोलन की महारैली में हिस्सा लेंगे।
जिला कोषाध्यक्ष मिर्जा महबूब हसन ने कहा कि सरकार ने सरासर अन्याय किया है, क्योंकि कोई भी नियम पहले से प्रभावी नहीं होता। जब शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 में आया, तो पहले से कार्यरत शिक्षकों पर यह अधिनियम थोपना गलत है। अनिल तिवारी ने कहा कि जिनकी नियुक्ति पूर्व शर्तों और नियमों के अधीन हुई है, उनकी सेवा के दौरान नियमों में बदलाव करना सरासर गलत है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ब्रजेश द्विवेदी ने कहा कि हम सड़क से संसद तक संघर्ष करेंगे, लेकिन इस नियम को लागू नहीं होने देंगे।
इस दौरान विनयकांत मिश्र, सतीश चंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र मौर्या, नंदीश्वर यादव, अनिल मिश्र, ब्रजभूषण पांडेय, राजनारायण पांडेय, दिनेश मिश्र, गणेश मिश्र, दिवाकर मिश्र आदि उपस्थित रहे।