कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी।
महराजगंज। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर परिषदीय शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। शिक्षक प्रदर्शन करते हुए जिला बेसिक अधिकारी कार्यालय पहुंचे।
शिक्षकों का कहना है कि नौकरी करते 20-25 साल हो गए हैं। जब नौकरी दी गई तब हम सभी अर्हताएं पूरी कर रहे थे। अब टेट परीक्षा पास करने को कहा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश किया गया। इस वजह से शिक्षकों को टेट परीक्षा पास करने का निर्णय आया है। इस निर्णय से पूरे देश के शिक्षकों पर नौकरी का संकट पैदा हो गया है। जिलाध्यक्ष ऋषिकेश गुप्ता ने कहा कि बुजुर्ग शिक्षकों के लिए टेट परीक्षा अनिवार्य करना उचित नहीं। हम लोग सरकार पर दबाव बनाएंगे कि शिक्षकों के सम्मान की रक्षा हो सके। जिला महामंत्री पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आया है और सरकार की तरफ से ठीक से बात नहीं रखी गई।
जिला मंत्री अभय दुबे ने कहा कि जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा रहा है कि कानून बनाकर शिक्षकों को न्याय दिलाएं। अटेवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष टीपी सिंह ने कहा कि पुराने शिक्षकों को टेट से मुक्त किया जाए। इस दौरान जिला कार्यकारी अध्यक्ष जेडी अंसारी, राकेश अग्रहरी, गिरीन्द्र नाथ मिश्र, अंकुर श्रीवास्तव माैजूद रहे।