महराजगंज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में शनिवार को सभी मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने कॉपियां जांचने से इंकार कर दिया। शिक्षकों का कहना है कि स्व. धर्मेंद्र कुमार के परिवार को आर्थिक सहयोग और उनकी पत्नी को उनके शेष सेवाकाल तक असाधारण पेंशन के रूप में प्रतिमाह पूर्ण वेतन भुगतान का आदेश जारी हो। बीते दिनों मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां ले जाते समय राजकीय कॉलेज के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की पुलिसकर्मी ने गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के जिलाध्यक्ष डाॅ. नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि परिवार को आर्थिक सहयोग देने की मांग को लेकर यह बहिष्कार किया गया है। पूर्व में दिए गए मांगपत्र व बहिष्कार पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के जनपदीय मंत्री चंदन कुमार ने कहा कि हम सरकार की हठधर्मिता को चलने नहीं देंगे।
हत्यारोपी आरक्षी के खिलाफ फास्ट ट्रैक में मुकदमा चलाकर सजा दी जाए। पुस्तिकाओं को केंद्र तक पहुंचाने के कार्य से शिक्षकों को मुक्त रखा जाए। राजकीय हाईस्कूल महगांव का नाम स्वर्गीय धर्मेंद्र कुमार हाईस्कूल महगांव वाराणसी घोषित किया जाए। उपाध्यक्ष छबीले उपाध्याय ने कहा कि सरकार को हमारी जायज मांगों को मान लेना चाहिए और पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी दे देनी चाहिए। शिक्षकों के बहिष्कार के कारण महराजगंज इंटर काॅलेज, सेठ आनंद राम जैपुरिया, फरेंदा और गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक इंटर काॅलेज में बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हो सका। विरोध करने वालों में माध्यमिक शिक्षक संगठन के ठकुराई गुट, चेतनारायण गुट, शर्मा गुट, बीपी सिंह गुट, पांडेय गुट, अटेवा के डाॅक्टर पंकज गुप्ता, राजेश कुमार, संदीप कश्यप, धनंजय सिंह, अजीत पटेल, आदित्य चौरसिया, अखंड दुबे मौजूद रहे।