दर्द की गोली बार-बार सेवन से किडनी पर खतरा, बीमारी का कारण छिपने से बढ़ सकती है परेशानी
महराजगंज। सिरदर्द, बदन दर्द या मामूली तकलीफ होते ही मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदकर खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। राहत मिलने के बाद भी कई लोग लगातार दवा लेते रहते हैं। चिकित्सकों के अनुसार दर्द निवारक दवाओं का जरूरत से ज्यादा और बार-बार सेवन किडनी समेत शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
मौसम में बदलाव और रोजमर्रा की भागदौड़ के कारण इन दिनों सिरदर्द, शरीर में दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत आम है। ऐसे में कई लोग परेशानी की वजह जानने के बजाय खुद ही दर्द की दवा लेना शुरू कर देते हैं। दर्द दोबारा होने पर उसी दवा का सेवन फिर किया जाता है। इससे बीमारी के वास्तविक कारण का पता लगाने में देरी हो सकती है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि दर्द की दवा का अत्यधिक इस्तेमाल किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक या आवश्यकता से अधिक दवा लेने से शरीर को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए बार-बार होने वाले दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय उसकी वजह जानना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि सामान्य दर्द होने पर एक-दो दिन स्थिति पर नजर रखी जा सकती है। इसके बाद भी परेशानी बनी रहे या बार-बार उभरती रहे तो चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतते हुए बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द की दवा नहीं लेनी चाहिए।
झोलाछाप के पास जाने से बचें
डॉ. पवन कुमार ने लोगों को झोलाछाप के पास जाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दर्द को केवल दबाने के बजाय उसके मूल कारण का उपचार जरूरी है। लगातार दर्द रहने, उसकी तीव्रता बढ़ने या अन्य लक्षण सामने आने पर योग्य चिकित्सक से समय रहते जांच और उपचार कराना चाहिए।