धर्मपुर में तेज बारिश से गेहूं की गिरी फसल को देखती महिला।
महराजगंज। गरज-चमक और तेज हवा के साथ रविवार को हुई बारिश से किसानों के मेहनत पर पानी फिर गया है। खेतों में काटकर मड़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ज्यादातर जगहों पर कटाई हो चुकी है। मड़ाई के बाद गेहूं को सुरक्षित करने में किसानों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। करीब तीन घंटे में 10.8 मिमी बारिश हुई। भिटौली क्षेत्र के धमरपुर गांव के किसान शारदा ने बताया कि बड़ी मेहनत से गेंहू की फसल तैयार की थी। जब कटाई का समय आया तो मौसम ने खेल बिगाड़ दिया। आधी फसल काट चुके हैं, जबकि आधी खेत में खड़ी है।
यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो काटी गई फसल के दाने काले पड़ जाएंगे। किसान दामोदर ने कहा कि हम मौसम के भरोसे खेती करते हैं। अभी तक सब ठीक-ठाक था।
रविवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कटाई रोक दी। कहा कि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल बर्बाद हो जाएगी। किसान धर्मराज ने बताया कि खेत में गेहूं का बोझ बधा पड़ा था। धूप निकलने पर फिर से सुखाना पड़ेगा। पहले तो आंधी के साथ फसल पूरे खेत में पसर गई, फिर बारिश के कारण पूरी तरह से भीग गई। दूसरी ओर जिन किसानों की फसल की कटाई पूरी हो चुका है, उनको गेहूं रखने में समस्या हो रही है। करमहा गांव में कई बड़े किसानों के घर के बाहर गेहूं प्लास्टिक से ढककर रखा हुआ है। क्योंकि शनिवार देर रात तक कटाई हुई और घर में रखने के लिए मौका नहीं मिला। वहीं रविवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। ऐसे में गेहूं सुरक्षित रखने में समस्या हो रही है। फरेंदा, धानी, नौतनवा, बरगदवा, ठूठीबारी, सिसवा, घुघली, परतावल समेत अन्य क्षेत्र में ज्यादातर फसल कट चुकी है। सिर्फ कुछ स्थानों पर फसल बची हुई है। इससे किसान परेशान हैं। उधर, तेज हवा के कारण कई जगहों पर छप्पर और बोर्ड उड़ गए हैं।
ईंट-भट्ठा संचालकों को तगड़ी चपत: बेमौसम बारिश ने ईंट-भट्ठा संचालकों को तगड़ी चपत लगा दी। भट्ठों के पास पाथकर रखी गईं कच्ची ईंटें भीगने से बेकार हो जाएंगी। ईंट उद्यमी शेषनाथ ने बताया कि बेमौसम बारिश से औसतन हर भट्ठे पर दो से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।