महराजगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग 730 एस के निर्माण में कृषि क्षेत्र के भूमि अधिग्रहण के बाद अब शहरी क्षेत्रों के मकानों के भूमि के अधिग्रहण की तैयारी तेजी से चल रही। क्योंकि इसके लिए नगर पालिका परिषद के सक्सेना चौक से लेकर मऊपाकड़ और धनेवा धनेई तक करीब 427 मकानों के सर्वे पूरा हो चुका है, अ मूल्यांकन की कार्रवाई भी तेज हो गई है। मूल्यांकन के बाद मुआवजा दिया जाएगा। उसके बाद ही इन चिन्हित मकानों को ध्वस्त किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक नगर पालिका परिषद के सक्सेना चौक से लेकर ठूठीबारी तक 40 किलोमीटर दूरी तक बनने वाले इस राजमार्ग में एक बाईपास के अलावा दो फ्लाईओवर और एक टोल प्लाजा का भी निर्माण शामिल है। चौड़ीकरण को लेकर महराजगंज शहर से लेकर ठूठीबारी तक सड़क के दोनों तरफ पड़ने वाले किसानों की भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। जबकि महराजगंज नगर पालिका में सक्सेना चौक से लेकर मऊपाकड़ और धनेवा धनेई तक दोनों तरफ सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले मकानों काे भी ध्वस्त किया जाना है। ऐसे में इसके जद में आने वाले लोगों की मकान और भूमि का भी अधिग्रहण होना है। शहरी क्षेत्र में भूमि के सर्किल रेट के दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। वहीं संबंधित मकान के मूल्यांकन का भी दोगुना मुआवजा दिया जाएगा।
इस संबंध में भूमि अध्याप्ति अधिकारी मदन मोहन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में नगर पालिका परिषद में कुल 427 मकानों का सर्वे किया जा चुका है। इनके मूल्यांकन की कार्रवाई तेजी से चल रही है। मूल्यांकन के बाद इनको मुआवजा देने के बाद ही इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।