सिद्धार्थनगर। नगर पालिका सिद्धार्थनगर के नियोजित विकास के अभी दूर की कौड़ी है। विकास का खाका खींचने के लिए तैयार की गई महायोजना-2031 पर लापरवाही का ग्रहण लगता दिख रहा है।
महायोजना के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से चयनित की गई सर्वे कंपनी को पहली किस्त के तौर पर चार लाख रुपये आवंटित करने के बाद भी सर्वे का काम अटका हुआ है।
बजट मिलने के तीन साल बाद भी कंपनी ने सर्वे कार्य पूरा नहीं किया। जानकारों का कहना है कि जिम्मेदारों की लापरवाही से बीते पांच वर्ष में शहरी क्षेत्र में असुविधाओं के बीच बेतरतीब तरीके से बसावट बढ़ती गई है, जिससे महायोजना बनाने के दौरान सड़क, पार्क व स्कूल आदि के लिए स्थल निर्धारित करने में मुश्किलें आनी तय है। इससे शहर के नियोजित विकास का सपना अधूरा रह गया है।
महायोजना-2021 पांच साल पहले समाप्त चुकी है। इस महायोजना के लिए 24 वर्ष पूर्व 2002 में विनियमित क्षेत्र का सर्वे हुआ था। वर्ष 1978 में तत्कालीन बस्ती जनपद के नौगढ़ तहसील मुख्यालय एवं आसपास के 34 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए 15 नवंबर को विनियमित क्षेत्र नौगढ़ बनाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद जुलाई-2003 में आसपास के छह गांव और जोड़ दिए गए। विनियमित क्षेत्र में शामिल इन 40 गांवों के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए बनी महायोजना-2021 में शामिल क्षेत्र की भूमि की उपयोगिता निर्धारित की गई थी। महायोजना-2031 बनाने के लिए इसमें पूर्व में शामिल क्षेत्र और विस्तार के बाद शामिल होने वाले क्षेत्र का सर्वे किया जाना है।
तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम की अध्यक्षता में कमेटी ने सर्वे के लिए 13 लाख रुपये रुपये का बजट पास किया। सर्वे कंपनी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को निर्धारित धनराशि की पहली किस्त के तौर पर चार लाख रुपये जारी भी कर दिए गए। इसके बाद भी कंपनी ने अभी तक यहां सर्वे कार्य शुरू नहीं किया।
शहर के नई आबादी क्षेत्र में मकान बनाकर रह रहे लोगों को गांव की तरह सुविधा मिल रही है। नई आबादी क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि शहर में रहने के लिए यहां मकान तो बनवा लिया, लेकिन अभी तक न बेहतर सड़क का इंतजाम हुआ और न ही शहरी बिजली-पानी की सुविधा मिल सकी है। ऐसे में लगता है कि गांव में घर बना लिया है।
नहीं बनता नक्शा, निर्माण कार्य जारी : सर्वे कार्य पूरा होने के बाद महायोजना बनने के दौरान विनियमित क्षेत्र का सीमा विस्तार भी होना है जो अभी तक अटका हुआ है। वहीं, इसी बीच नगर पालिका क्षेत्र का सीमा विस्तार होने से कई गांव इसमें शामिल हो गए हैं। राजस्व ग्राम पकड़ी के विनियमित क्षेत्र में शामिल न होने से यहां निर्माण के लिए नक्शा नहीं बनाया जा रहा है, जिससे यहां बिना नक्शा पास कराए नए मकान और संस्थानों का निर्माण हो रहा है।