घुघली में तेज आंधी से खराब हुआ केले का पेड़।
महराजगंज। बुधवार की सुबह जिले में आई तेज आंधी और इसके साथ ही तेज बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। आंधी-पानी से अंग्रेजों के जमाने में स्थापित घुघली चीनी मिल की चिमनी भरभराकर गिर गई, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घुघली के आसपास तमाम घरों के टिन शेड उखड़कर दूर जा गिरे। वहीं करीब एक दर्जन बिजली के खंभे और सड़क के किनारे पेड़ गिर गए। इससे सिंदुरिया से शिकारपुर जाने वाले मार्ग पर करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। घुघली प्रतिनिधि के अनुसार, इस उपनगर को पहचान दिलाने वाली 1920 में निर्मित घुघली चीनी मिल की चिमनी तेज आंधी-तूफान में भरभराकर गिर गई। चीनी मिल की चिमनी जब तक खड़ी थी तो क्षेत्रवासियों के मन में उम्मीद जिंदा थी कि कभी न कभी इसका भी जीर्णोद्धार होगा। मगर बुधवार को आई तूफानी आंधी में चिमनी के गिर जाने से लोगों की उम्मीदें भी भरभरा कर गिर गईं।
घटना के समय मिल परिसर खाली था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, चिमनी गिरने से क्षेत्रीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। आंधी ने घुघली उपनगर समेत आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। कई दर्जन टीन सेड उड़ गए। कई जगहों पर रास्ते में पेड़ गिरने के कारण बिजली, पानी की किल्लत हो गई और आवागमन घंटों बाधित रहा।
स्थानीय लोगों में किसान सर्वेश यादव, रविकिशन आदि का कहना है कि यह चीनी मिल की चिमनी पहले ही जर्जर हो गई थी। प्रशासन को इसकी मरम्मत करवाकर इसे सुरक्षित रखने पर ध्यान देना चाहिए था। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के सिंदुरिया से शिकारपुर मार्ग पर बुधवार की सुबह आई तेज आंधी और पानी से ग्राम सभा नारायनपुर के पास एक दर्जन विद्युत पोल और सड़क के किनारे खड़े पेड़ गिर जाने से करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सड़क पर गिरे पेड़ और बिजली के खंभों को सड़क से हटवाया गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हो पाई।
बताया गया है कि नरायनपुर के पास दर्जनों पेड़ गिर गए। सड़क के किनारे खड़े बिजली के पोल भी टूटकर सड़क पर गिर गए, जिससे बड़े छोटे वाहनों के साथ ही बाइक सवारों की लंबी लाइन लग गई। वहीं मोहनापुर, नरायनपुर, लालपुर, रजवल, बेलवा खुर्द आदि दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ग्राम सभा नरायनपुर के रहने वाले बदरुद्दीन, इमरान अली, जीतेन्द्र, अरुण शर्मा, परमानंद गुप्ता, मनीष गुप्ता आदि ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से तत्काल विद्युत व्यवस्था बहाल करने की मांग की।