फरेंदा तहसील परिसर में एसटी प्रमाण पत्र की मांग को लेकर धरना द्रेते छात्र।
फरेंदा। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने की मांग को लेकर गोंड धुरिया समाज के छात्रों ने सोमवार को फरेंदा तहसील परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि तहसीलदार भारत के राजपत्र एवं शासनादेश के बावजूद उनके आवेदन निरस्त कर रहे हैं। इससे वे विभिन्न भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं।
भूख हड़ताल का नेतृत्व समाज के जिलाध्यक्ष अंगद गोंड कर रहे हैं। उनके साथ वशिष्ठ गोंड, दिलीप गोंड, नंद्रिका गोंड, बनवारी लाल धुरिया, गंगाराम गोंड, मुकेश धुरिया, लालमन धुरिया, रामकरन गोंड, बाबूलाल गोंड, दीपक धुरिया, सुदामा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र समाज के लोग धरने पर बैठे हैं। लोगों का कहना है कि प्रमाण पत्र न मिलने के कारण वे आंगनबाड़ी भर्ती, एसएससी जीडी, होमगार्ड भर्ती, छात्रवृत्ति एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे हैं। जबकि उनके परिवार के कई सदस्यों के अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र पूर्व में जारी हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के परिवार के सदस्यों को प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं। इसके अलावा कई परिवारों के पास टीसी व अन्य अभिलेखों में गोंड, धुरिया जाति दर्ज होने के साक्ष्य मौजूद हैं। भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि शासनादेश के विरुद्ध लेखपालों ने भी गलत रिपोर्ट लगाकर आवेदन निरस्त किए हैं। उन्होंने संबंधित लेखपालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई, तहसीलदार फरेंदा का गैर जनपद स्थानांतरण और शपथ पत्र के आधार पर शीघ्र जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। संवाद