सिसवा मरीज का पैसा वापस कर बच्चों ने कायम की इंसानियत का मिसाल
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रास्ते में गिरे मरीज के रकम को लौटाया
- अध्यापिका के दो बेटों को मिला था 2650 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सिसवा बाजार। स्थानीय कस्बे के अमरपुरवा मोहल्ले में रहने वाले दो छात्रों ने एक बीमार मजदूर का गिरा हुआ 2650 रुपये और डॉक्टर का पर्चा वापस कर इंसानियत की मिसाल कायम की। गिरा हुआ रकम मिलने के बाद मजदूर व उसकी पत्नी के आंखें छलक उठी। दोनों बच्चों के प्रति कृतज्ञता जताई।
सिसवा विकास खंड के ग्रामसभा बगही निवासी सुनील निषाद मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सुनील विगत कुछ महीने से पित्त की थैली में पथरी होने की वजह से बीमार हैं। उनकी पत्नी ज्ञानती सुनील को चिउटहा में एक चिकित्सक से इलाज करा रही थीं। चिकित्सक ने मरीज को निचलौल अस्पताल के चिकित्सकों को दिखाने की सलाह दी। ज्ञानती रुपये कर्ज लेकर 25 सितंबर को एक युवक के साथ पति सुनील को बाइक से निचलौल में एक चिकित्सक को दिखा कर वापस आ रही थी। सिसवा कस्बे के अमरपुरवा तिराहे के पास डॉक्टर के पर्चे में लपेट कर रखा गया 2650 रुपया गिर गया। ज्ञानती को रकम गिरने की जानकारी घर जाने पर हुई।
उधर रास्ते में गिरा हुआ रुपया अमरपुरवा मुहल्ले में किराए के मकान में रहने वाली अध्यापिका नीरज यादव के बेटे दिव्यांश (14) व सूर्यांश (10) को मिला। दोनों ने रुपया अपनी मां को देकर सारी बात बताई। डॉक्टर के पर्चे पर मरीज का नाम और पता नहीं लिखा था। जिस पर अध्यापिका ने अपने किरायेदार पारसनाथ के साथ मिलकर चिउटहा स्थित चिकित्सक के पास पहुंची। काफी खोजबीन के पश्चात पता चला कि रुपया बगही निवासी सुनील का है। जिसके बाद गुरुवार को सूर्यांश व दिव्यांश ने सुनील का रुपया वापस सौंप दिया। पैसा वापस पाकर सुनील और ज्ञानती दोनों की आंखें छलक उठी।